1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 15 Jan 2026 12:10:22 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI
Bihar News: पटना जिले के फतुहा स्थित जैतिया गांव में बिहार की पहली फिनटेक सिटी बनने का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है। करीब 408.81 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का बुधवार को पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने स्थल निरीक्षण किया।
यह फिनटेक सिटी लगभग 242 एकड़ भूमि में विकसित की जाएगी, जबकि इसके ठीक बगल में 105 एकड़ में एक अत्याधुनिक लॉजिस्टिक पार्क भी बनाया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, यह परियोजना बिहार के आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे न सिर्फ वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
फिनटेक सिटी में फाइनेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों से लेकर बड़े कॉर्पोरेट कार्यालयों की मौजूदगी होगी। यहां डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के लिए अनुकूल और आधुनिक वातावरण तैयार किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि परियोजना का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है और इसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि बिहार निवेश के लिहाज से आकर्षक गंतव्य बन सके।
इसके साथ ही प्रस्तावित लॉजिस्टिक पार्क को ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट का मजबूत केंद्र बनाया जाएगा। इससे उद्योगों को बेहतर ढांचा मिलेगा और निवेशकों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए सुविधाजनक माहौल उपलब्ध होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से बिहार के हजारों युवाओं को आईटी, फाइनेंस, मैनेजमेंट और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। अभी तक इन क्षेत्रों में काम करने के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन फिनटेक सिटी के निर्माण के बाद उन्हें अपने ही राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्य वातावरण मिल सकेगा।
निरीक्षण के दौरान जैतिया और आसपास के गांवों के किसानों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना या नोटिस दिए उनकी जमीन पर अधिग्रहण के झंडे लगा दिए गए हैं। उन्होंने मांग की कि उनकी जमीन को कृषि के बजाय आवासीय श्रेणी में मानते हुए उचित मुआवजा दिया जाए। इस दौरान कुछ किसानों ने विरोध भी जताया।
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए डीएम त्यागराजन एसएम ने आश्वासन दिया कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार अधिकतम और उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।
प्रशासन के अनुसार, फिनटेक सिटी और लॉजिस्टिक पार्क का यह प्रोजेक्ट बिहार को डिजिटल इकोनॉमी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे राज्य को निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।