1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 16, 2026, 4:29:59 PM
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Bihar Bhumi: बिहार सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए एग्री स्टैक और परिमार्जन प्लस से जुड़े सभी आवेदनों को फास्ट ट्रैक पर निपटाने का फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया।
फैसले के अनुसार, डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि, रिकॉर्ड अपडेट न होने और फार्मर आईडी से जुड़े सभी मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इससे हजारों किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने का रास्ता तेज और आसान हो जाएगा।
खेत से लेकर सरकारी दफ्तरों तक भटक रहे किसानों के लिए यह बड़ी राहत है। राजस्व महाअभियान के दौरान परिमार्जन प्लस के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को अब उच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाएगा। इससे न सिर्फ फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पीएम किसान, फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की डिजिटाइज्ड जमाबंदी अद्यतन नहीं है या जिन रिकॉर्ड में त्रुटियां हैं, उनके आवेदन अब लंबित नहीं रखे जाएंगे। इसके लिए सभी जिला समाहर्ताओं को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अंचल अधिकारियों के माध्यम से ऐसे आवेदनों का तत्काल निष्पादन कराएं।
विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि यह कदम सुनिश्चित करेगा कि कोई भी किसान तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजनाओं से वंचित न रह जाए। सरकार का मानना है कि एग्री स्टैक केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह किसानों को सब्सिडी, योजनाओं और अन्य सहायता से जोड़ने की रीढ़ है।
इस निर्णय से विशेष रूप से उन किसानों को राहत मिलेगी जो अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवा पाए थे। परिमार्जन प्लस के आवेदनों के त्वरित निबटारे से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सुधारेंगे और एग्री स्टैक मजबूत आधार प्रदान करेगा।