Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री के लिए भटक रहे लाखों किसान, संयुक्त जमाबंदी बनी बड़ी बाधा; लोगों में सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा

Farmer Registry Bihar: बिहार में किसान निबंधन अनिवार्य होने के बाद संयुक्त जमाबंदी की समस्या से किसान परेशान हैं। प्रक्रिया जटिल होने और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण किसानों को अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 12 Jan 2026 12:50:31 PM IST

Farmer Registry Bihar

लाखों किसान होंगे वंचित! - फ़ोटो AI

Farmer Registry Bihar: बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्यभर में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त जमाबंदी की समस्या के कारण बड़ी संख्या में किसान निबंधन नहीं करा पा रहे हैं और उन्हें शिविरों से लौटाया जा रहा है।


किसानों का कहना है कि निबंधन के लिए अंचल कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दरअसल, अब एलपीसी, किसान सम्मान निधि, केसीसी और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान निबंधन अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में निबंधन नहीं होने से किसान सरकारी योजनाओं से वंचित होने का खतरा महसूस कर रहे हैं।


किसानों का आरोप है कि संयुक्त जमाबंदी को अलग कराने की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसके लिए अमीन और अन्य कर्मियों द्वारा अधिक पैसे की मांग की जाती है। कई मामलों में घूस मांगे जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। पैसा नहीं देने पर फाइल को बहाने बनाकर टाल दिया जाता है, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ जाती है।


इसके अलावा, अधिकांश किसानों की जमीन की जमाबंदी आज भी उनके मृत पिता या दादा के नाम से दर्ज है, जबकि कई मामलों में नाम की त्रुटियां भी हैं। इन कारणों से किसान निबंधन नहीं हो पा रहा है। इससे किसान न केवल आर्थिक रूप से परेशान हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था से भी नाराज नजर आ रहे हैं। इसको लेकर किसानों में सरकार के प्रति भारी गुस्सा है।