पटना: बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग ने बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के सत्यापन के बाद अजय कुमार सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।
आर्थिक अपराध इकाई ने अजय कुमार सिंह के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-19/26 दिनांक 19 अगस्त 2026 को दर्ज किया है। प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। प्रारंभिक सत्यापन में अधिकारियों को अजय कुमार सिंह के पास उनकी ज्ञात आय की तुलना में करोड़ों रुपये की अतिरिक्त संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं।
3.43 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
EOU की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच और सत्यापन के दौरान अजय कुमार सिंह के विरुद्ध कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है। यह संपत्ति उनकी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में करीब 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
प्रारंभिक जांच में इतने बड़े स्तर पर आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए EOU ने माननीय विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त किया। इसके बाद गुरुवार सुबह अजय कुमार सिंह से जुड़े कुल तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया गया।
पटना से बेगूसराय तक तीन जगहों पर छापेमारी
20 अगस्त 2026 की सुबह आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने तीन स्थानों पर तलाशी कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में किया जा रहा है। पहली टीम ने पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में स्थित चन्द्रतारा भवन, बीएम कॉलेज, आकाशवाणी रोड, खाजपुरा स्थित ठिकाने पर तलाशी शुरू की। दूसरी टीम बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, मिठापुर, पटना स्थित अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में पहुंची और वहां दस्तावेजों एवं अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की।
वहीं तीसरी टीम ने बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के ग्राम परोरा, पोस्ट-सहना स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक मकान पर छापेमारी शुरू की। तीनों स्थानों पर एक साथ कार्रवाई किए जाने से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
संपत्ति और दस्तावेजों की हो रही जांच
EOU की टीम तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक संबंधी कागजात, निवेश के रिकॉर्ड, जमीन-जायदाद के दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य अजय कुमार सिंह की आय के ज्ञात स्रोतों और उनके पास उपलब्ध संपत्तियों का विस्तृत मिलान करना है।
बताया गया है कि सत्यापन के दौरान आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया था। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई। अब छापेमारी के दौरान मिलने वाले दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
आर्थिक अपराध इकाई ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि तलाशी अभियान अभी जारी है। तीनों ठिकानों से बरामद होने वाले दस्तावेजों, नकदी, निवेश संबंधी रिकॉर्ड अथवा अन्य संपत्तियों की विस्तृत जानकारी तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
EOU के इस अभियान पर अब सबकी नजर टिकी हुई है कि छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद होता है और जांच में अजय कुमार सिंह की संपत्तियों से जुड़े कौन से नए तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल प्रारंभिक जांच में 3.43 करोड़ रुपये से अधिक की कथित आय से अधिक संपत्ति और ज्ञात आय से करीब 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई बिहार के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
आर्थिक अपराध इकाई ने संकेत दिया है कि तलाशी पूरी होने और बरामद सामग्रियों के सत्यापन के बाद इस मामले में विस्तृत सूचना जारी की जाएगी। ऐसे में आने वाले समय में इस केस से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।





