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BIHAR NEWS : अब शिकायत नहीं रहेगी दबकर! स्कूल–कॉलेज की हर समस्या पर तुरंत एक्शन—बिहार सरकार ने जारी किए टोल-फ्री नंबर

बिहार में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब छात्र, शिक्षक और अभिभावक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

BIHAR NEWS : अब शिकायत नहीं रहेगी दबकर! स्कूल–कॉलेज की हर समस्या पर तुरंत एक्शन—बिहार सरकार ने जारी किए टोल-फ्री नंबर
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News : बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए दो टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं। अब स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए सीधे कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।


शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 हैं। इन नंबरों पर कॉल कर लोग शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जानकारी दे सकते हैं। विभाग का मानना है कि इससे शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


इस पहल का उद्देश्य राज्य में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को समय पर पहचान कर उनका प्रभावी समाधान करना है। इससे न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी अपनी समस्याएं रखने का एक सुलभ मंच मिलेगा। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।


शिक्षा विभाग ने शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने के लिए छह प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी स्कूल से जुड़ी समस्याओं की है, जिसमें भवन की मरम्मत, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, पंखे, बिजली, कंप्यूटर लैब, खेल सामग्री और मिड-डे मील जैसी सुविधाओं से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा, स्कूल समय पर नहीं खुलने या संचालन में लापरवाही जैसे मामलों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।


दूसरी श्रेणी शिक्षकों से जुड़े मुद्दों की है। इसमें स्थानांतरण, वेतन भुगतान, वेतन वृद्धि, प्रोन्नति, उपस्थिति और अन्य प्रशासनिक समस्याएं शामिल हैं। तीसरी श्रेणी छात्र-छात्राओं से संबंधित समस्याओं की है, जिसमें छात्रवृत्ति, ड्रेस, किताबों की उपलब्धता, पढ़ाई, अंकपत्र, प्रमाण-पत्र और मध्याह्न भोजन से जुड़े मुद्दे शामिल किए गए हैं।


चौथी श्रेणी वेंडर या आपूर्तिकर्ताओं से संबंधित शिकायतों की है। इसमें भुगतान में देरी, सामग्री की गुणवत्ता और ऑनबोर्डिंग जैसी समस्याओं को दर्ज कराया जा सकता है। पांचवीं श्रेणी विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर की शिकायतों के लिए है, जिसमें नामांकन, परीक्षा, फीस, अंकपत्र में सुधार और उपस्थिति जैसे विषय आते हैं।


छठी और सबसे महत्वपूर्ण श्रेणी अवैध वसूली और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की है। यदि किसी भी स्तर पर शुल्क की जबरन वसूली, घूसखोरी या अन्य अनियमितताएं होती हैं, तो उसकी शिकायत सीधे इन नंबरों पर की जा सकती है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।


विभाग ने शिक्षकों के लिए भी अलग व्यवस्था की है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपनी शिकायतें ‘ई-शिक्षाकोष’ के ग्रीवांस मॉड्यूल में अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से दर्ज करें। इससे शिकायतों की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी।


साथ ही, विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को व्हाट्सएप या ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजने के बजाय आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग किया जाए। इससे शिकायतों का सही रिकॉर्ड रखा जा सकेगा और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इस नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि बिहार में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब पहले से अधिक तेजी और प्रभावी तरीके से हो सकेगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।