ब्रेकिंग
बांकीपुर से उठी नई राजनीति की आहट: क्या बिहार में अब मुकाबला सिर्फ NDA बनाम महागठबंधन नहीं रहा?मां-बाप का झगड़ा शांत कराने आया बेटा, पिता ने गला रेतकर कर दी हत्या; वारदात के बाद फरारबिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन! मधुबनी के पूर्व SDO की 49 लाख की संपत्ति जब्त, निगरानी की कार्रवाई से मचा हड़कंपबगहा में 3 दिन से लापता 11 साल का मासूम... अब तक नहीं मिला सुराग, गुस्साए परिजनों ने NH-727 किया जामभाजपा का सबसे मजबूत किला कैसे ढहा? बांकीपुर में PK के 11 चुनावी दांव ने पलट दिया पूरा गेम!बांकीपुर से उठी नई राजनीति की आहट: क्या बिहार में अब मुकाबला सिर्फ NDA बनाम महागठबंधन नहीं रहा?मां-बाप का झगड़ा शांत कराने आया बेटा, पिता ने गला रेतकर कर दी हत्या; वारदात के बाद फरारबिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन! मधुबनी के पूर्व SDO की 49 लाख की संपत्ति जब्त, निगरानी की कार्रवाई से मचा हड़कंपबगहा में 3 दिन से लापता 11 साल का मासूम... अब तक नहीं मिला सुराग, गुस्साए परिजनों ने NH-727 किया जामभाजपा का सबसे मजबूत किला कैसे ढहा? बांकीपुर में PK के 11 चुनावी दांव ने पलट दिया पूरा गेम!

बिहार में मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी बड़े शहरों की दौड़... अब जिला अस्पतालों में हाईटेक होंगे आर्थो ओटी, हड्डी की सर्जरी होगी आसान

Bihar News: बिहार के जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में हड्डी के इलाज की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। आर्थो ओटी को हाईटेक उपकरणों से लैस किया जाएगा, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। जानिए सरकार...

बिहार में मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी बड़े शहरों की दौड़... अब जिला अस्पतालों में हाईटेक होंगे आर्थो ओटी, हड्डी की सर्जरी होगी आसान
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में हड्डी से जुड़ी बीमारियों और चोटों के इलाज की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. राज्य के उन अस्पतालों में आर्थोपेडिक्स ऑपरेशन थिएटर (आर्थो ओटी) को हाईटेक बनाया जाएगा, जहां फिलहाल अस्थि-रोग की सर्जरी हो रही है या जल्द शुरू होने वाली है. आर्थो ओटी को आधुनिक उपकरणों से लैस किए जाने के बाद सड़क हादसे, फ्रैक्चर, स्पोर्ट्स इंजुरी और हड्डी से जुड़ी अन्य समस्याओं के मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर सर्जिकल सुविधा मिल सकेगी.


राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों को आर्थो ओटी में उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने का निर्देश दिया है. अस्पतालों से उन उपकरणों की सूची मांगी गई है, जिनकी फिलहाल जरूरत है. जिन अनुमंडलीय या जिला अस्पतालों में अस्थि-रोग की सर्जरी शुरू होने वाली है, वहां भी आवश्यक उपकरणों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है.


सरकार की योजना सभी आर्थो ओटी को भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने की है. इसके लिए अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और जरूरी संसाधनों के बीच अंतर का आकलन किया जा रहा है. इसी प्रक्रिया के तहत आर्थो ओटी का गैप एनालिसिस कराया जा रहा है.


संसाधनों के आकलन और अस्पतालों से मिलने वाली मांग के आधार पर आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से उपकरणों की आपूर्ति की जाएगी.


आर्थो ओटी के मजबूत होने से हड्डी से जुड़ी गंभीर चोटों के इलाज के लिए मरीजों को बार-बार बड़े शहरों या उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की जरूरत कम होगी. खासकर सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, फ्रैक्चर और स्पोर्ट्स इंजुरी के मामलों में जिला स्तर पर ही ऑपरेशन और बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.


आर्थोपेडिक अटैचमेंट युक्त ओटी टेबल, एनेस्थीसिया वर्क-स्टेशन, इलेक्ट्रिकल सक्शन मशीन, ऑटोक्लेव, 12-चैनल ईसीजी मशीन, इन्फ्यूजन पंप, सी-आर्म मशीन, आर्थ्रोस्कोपी सिस्टम, क्रैश कार्ट, मरीज ट्रॉली और आईवी स्टैंड समेत कई जरूरी उपकरण आर्थो ओटी में उपलब्ध कराए जाएंगे.


सी-आर्म मशीन और आर्थ्रोस्कोपी सिस्टम जैसे उपकरण हड्डी और जोड़ से संबंधित सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से अस्पतालों में अस्थि-रोग की सर्जरी के लिए जरूरी तकनीकी क्षमता भी बढ़ेगी.


स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में लगाए जाने वाले उपकरणों के रखरखाव को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. उपकरणों के इंस्टालेशन के बाद उनका स्टॉक रजिस्टर में अंकन और ई-उपकरण पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा.