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1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 08 Jul 2025 06:36:22 PM IST
पहली बार नई दर से पेंशन - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11 जुलाई (शुक्रवार) को सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले राज्य के 1 करोड़ 11 लाख लाभुकों को डीबीटी से सीधे राशि भेजेंगे । इसके तहत एक हजार 227 करोड़ रुपये छह पेंशन योजनाओं से लाभांवित लोगों के खाते में भेजे जाएंगे। यह पहला मौका होगा, जब इन्हें बढ़ी हुई यानी करीब तीन गुनी पेंशन की राशि मिलेगी। इस कार्यक्रम को पूरे राज्य में उत्सव की तरह मनाने का सरकार ने निर्णय लिया है। इसकी तैयारियों का जायजा लेने और मुकम्मल व्यवस्था बनाने के लिए मुख्य सचिव, बिहार सरकार, अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई।
इस कार्यक्रम का आयोजन सभी 38 जिलों के मुख्यालय, 534 प्रखंड मुख्यालय, 8053 ग्राम पंचायत और करीब 43 हजार 790 राजस्व ग्राम में करने की तैयारी है। इसमें 60 लाख से अधिक लाभुकों के शामिल होने की संभावना है। इस मौके पर मुख्य सचिव ने सभी डीएम को निर्देश दिया कि सभी आयोजन स्थलों पर माननीय मुख्यमंत्री के संबोधन को सीधा सुनने और देखने की समुचित व्यवस्था हो। साथ ही लाभुकों के लिए यहां भोजन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए। सभी आयोजन स्थलों पर पांच मिनट की एक लघु फिल्म और एक मिनट का टीवी विज्ञापन भी प्रसारित कराया जाए।
पूर्व में , जून माह में आयोजित कैबिनेट बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1 हजार 100 रुपये कर दी गई थी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत छह तरह की पेंशन दी जाती है।
• मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना- 45 प्रतिशत (49 लाख 89 हजार 507 लाभुक)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना- 32 प्रतिशत (35 लाख 57 हजार 163 लाभुक)
• लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना- 8 प्रतिशत (8 लाख 64 हजार 903 लाभुक)
• बिहार विकलांगता पेंशन योजना- 8 प्रतिशत (9 लाख 65 हजार 202 लाभुक)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना- 6 प्रतिशत (6 लाख 32 हजार 594 लाभुक)
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना - 1 प्रतिशत (1 लाख 10 हजार 580 लाभुक)
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत 5 जुलाई तक 22 जिलों के अनुसूचित जाति और जनजाति टोलों में 51 हजार 756 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। शेष एक हजार 101 शिविर 12 जुलाई को आयोजित होंगे, जिनमें गया में 273, औरंगाबाद में 259 और खगड़िया में 119 शिविर शामिल हैं। इन शिविरों में अब तक 39.74 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जो राशन कार्ड, उज्जवला योजना, औपचारिक शिक्षा, आंगनबाड़ी सहित 16 योजनाओं से संबंधित हैं। श्री मीणा ने डीएम और संबंधित सचिवों को निर्देश दिया कि महादलित टोलों में आवेदनों के निपटारे में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य भर में तीन लाख निर्धन और बेघर लोगों को चिन्हित कर उनके लिए जमीन या आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सभी डीएम इस दिशा में कार्रवाई करें।
मद्य निषेध विभाग ने समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी कि राज्य में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 4 जुलाई तक 11 हजार 532 वाहनों को अधिग्रहित किया गया है। मुख्य सचिव ने जिलों के डीएम को शराब तस्करी से जुड़े जब्त वाहनों और शराब विनिष्टीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, शराब मामले में जब्त वाहनों की जानकारी राष्ट्रीय अखबारों और जिले की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाए, ताकि अन्य राज्यों के वाहन मालिक भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
अमृत लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण विद्यालय खोलने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और केन्द्रीय विद्यालय संयुक्त रूप से कोशिश कर रहा है। प्रस्तावित 16 नए केन्द्रीय विद्यालयों के लिए पांच एकड़ जमीन या सरकारी भवनों का चिन्हीकरण करने के लिए संबंधित जिलों के डीएम तेजी से काम करें। इसके अलावा पटना में और केन्द्रीय विद्यालय खोलने की संभावनाओं पर विचार करें। डीएम सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सीएस ने सभी डीएम और प्रखंड पदाधिकारियों को पंचम राष्ट्रीय सम्मेलन के फीडबैक फॉर्म भरने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त सुझावों का काम हो सके।