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करप्शन के आरोपी DTO हुए निलंबन मुक्त...पर नहीं मिलेगी संवेनशील पोस्टिंग, GAD ने फिर किया साफ, 'कारा निदेशालय' तो दागी अफसरों को लेकर सिस्टम को दे रहा चैलेंज, जानें....

आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं नालंदा के पूर्व डीटीओ अनिल कुमार दास का निलंबन समाप्त कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उन्हें संवेदनशील पोस्ट नहीं मिलेगा

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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: दागियों को किसी संवेनशील पोस्ट पर पोस्टिंग नहीं करनी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने एक बार फिर से भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों को लेकर स्पष्ट किया है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपित बिहार प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी का निलंबन खत्म करने और पोस्टिंग को लेकर स्पष्ट किया है. सरकार ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी अफसर की पदस्थापन किसी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्यालय/विभाग में नहीं किया जायेगा. जबकि कई ऐसे विभाग हैं जो खुल्लम खुल्ला इस व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे. जेल निदेशालय ने तो बेऊर जेल के तत्कालीन दागी जेल अधीक्षक जिनके खिलाफ ईओयू ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया और कई ठिकानों पर छापेमारी की, उन्हें एक साल के अंदर ही (2026) फिर से फील्ड (संवेदनशील) पोस्टिंग दे दिया. 


 एसवीयू ने डीटीओ के ठिकानों पर की थी छापेमारी 

नालंदा के तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी अनिल कुमार के दास के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने केस दर्ज कर छापेमारी की थी. एसवीयू ने 6 मार्च 2025 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस किया था. इसके बाद इनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी. इन पर आय से 95 लाख रू अधिक अर्जित करने के आरोप प्रतिवेदित हैं.


21 मई को किया गया था सस्पेंड 

विशेष निगरानी इकाई ने सामान्य प्रशासन विभाग को कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी, इसके बाद सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व डीटीओ अनिल कुमार दास को 21 मार्च 2025 को सस्पेंड कर दिया था. आरोप है कि इन्होंने सरकार को जानकारी दिए बिना कई चल अचल संपत्ति का क्रय किया है. 

आरोपी अधिकारी अनिल कुमार दास को निलंबित करने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इनसे स्पष्टीकरण मांगा. शोकॉज की समीक्षा में पाया गया कि इन पर गंभीर आरोप हैं. ऐसे में विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया. महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. 


नालंदा के भ्रष्ट डीटीओ निलंबन मुक्त, फिर संवेदनशील पोस्टिंग नहीं मिलेगी

अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में 30 जून 2026 को स्थापना समिति की बैठक हुई. जिसमें आरोपी डीटीओ को निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया. इस आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग ने 31 जुलाई को निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया है. हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि दास के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. जांच प्रतिवेदन की प्रतीक्षा है. ऐसे में अनिल कुमार दास का पदस्थापन किसी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्यालय-विभाग में नहीं किया जायेगा. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता