ब्रेकिंग
Bihar weather : बिहार में मौसम का डबल अटैक! 19 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, इन इलाकों में अभी भी लू का कहरBihar News : बिहार NEET विवाद में जांच तेज, EOU की SIT करेगी तीन FIR की पड़ताल; DIG रैंक अधिकारी संभालेंगे कमानBharat Tiwari Encounter: 7 दिन बाद बदला मामला, पिता और भाई को राहत; जानें पुलिस ने क्यों हटाया नामBihar News: बिहार में शिक्षकों के तबादले की नई नीति लागू, 7 प्राथमिकता क्रम से होगा ट्रांसफर; जानें किसे मिलेगी पहली प्राथमिकताBihar News: भरत तिवारी के समर्थन में बोले थे 'नौकरी छोड़ दूंगा', अब सिपाही आशीष तिवारी की जाएगी नौकरी? पुलिस ने शुरू की कार्रवाईBihar weather : बिहार में मौसम का डबल अटैक! 19 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, इन इलाकों में अभी भी लू का कहरBihar News : बिहार NEET विवाद में जांच तेज, EOU की SIT करेगी तीन FIR की पड़ताल; DIG रैंक अधिकारी संभालेंगे कमानBharat Tiwari Encounter: 7 दिन बाद बदला मामला, पिता और भाई को राहत; जानें पुलिस ने क्यों हटाया नामBihar News: बिहार में शिक्षकों के तबादले की नई नीति लागू, 7 प्राथमिकता क्रम से होगा ट्रांसफर; जानें किसे मिलेगी पहली प्राथमिकताBihar News: भरत तिवारी के समर्थन में बोले थे 'नौकरी छोड़ दूंगा', अब सिपाही आशीष तिवारी की जाएगी नौकरी? पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

Bihar Constable Exam Scam: बाथरूम में छिपा मोबाइल बना सबसे बड़ा सबूत, सिपाही भर्ती में बड़े रैकेट का खुलासा

"बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा! बाथरूम में छिपा मोबाइल, Answer Key और जैमर ऑपरेटर की मिलीभगत ने खोले कई राज। अब EOU करेगी पूरे रैकेट की जांच।"

Bihar Constable Exam Scam: बाथरूम में छिपा मोबाइल बना सबसे बड़ा सबूत, सिपाही भर्ती में बड़े रैकेट का खुलासा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Constable Exam Scam : बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए बड़े फर्जीवाड़े ने राज्य की भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी है। अब ईओयू पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इसके पीछे सक्रिय संगठित गिरोह की तलाश में जुट गई है।


यह मामला नवादा जिले के कन्हाई लाल साहू महाविद्यालय परीक्षा केंद्र से जुड़ा हुआ है, जहां 14 जून 2026 को आयोजित मद्य निषेध सिपाही, जेल गार्ड और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने के आरोप सामने आए थे। केंद्राधीक्षक वाल्मीकि प्रसाद की लिखित शिकायत के आधार पर नवादा सदर थाना में केस दर्ज किया गया था, जिसे अब ईओयू ने अपने अधीन ले लिया है।


जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक और जैमर संचालन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की साजिश रची गई थी। इस पूरे मामले में अब तक सात अभ्यर्थियों समेत कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है।


जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें विपिन कुमार, विकास कुमार, कुणाल कुमार, रोहित कुमार, रौशन कुमार और मनीष कुमार शामिल हैं। ये सभी परीक्षा केंद्र पर तकनीकी कार्यों से जुड़े हुए थे। इसके अलावा परीक्षा ड्यूटी में तैनात दो इन्विजिलेटरों के खिलाफ भी लापरवाही और संदिग्ध भूमिका को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है।


जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस ने जैमर ऑपरेटर विपिन कुमार से पूछताछ की। पूछताछ में उसने परीक्षा केंद्र परिसर के पीछे स्थित बाथरूम के ऊपर छिपाकर रखे गए एक मोबाइल फोन के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने जब मोबाइल बरामद किया तो उसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। मोबाइल में सात परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर के अंतिम अंक और प्रश्नपत्र के सेट से संबंधित तस्वीरें मौजूद थीं। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि परीक्षा के दौरान व्यवस्थित तरीके से उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे।


सूत्रों के अनुसार बायोमेट्रिक व्यवस्था से जुड़े एक ठेकेदार के निर्देश पर 10 से 100 तक क्रमांक वाली एक विशेष ‘आंसर-की’ तैयार की गई थी। आरोप है कि इस उत्तर सूची को जैमर ऑपरेटर के माध्यम से कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। इसके बदले बड़ी रकम के लेनदेन की भी आशंका जताई जा रही है।


ईओयू अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच भी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार अन्य जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है।


भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकार पहले से ही सख्त रुख अपनाने की बात कहती रही है। ऐसे में इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में कई और लोगों की गिरफ्तारी और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की नजर ईओयू की जांच पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला केवल एक परीक्षा की निष्पक्षता का नहीं बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है।