1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 06 Jan 2026 07:14:29 AM IST
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Bihar weather update : बिहार में फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। देश के उत्तरी पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव मैदानी राज्यों पर पड़ रहा है। इसी कारण बिहार में सर्द पछुआ हवाओं का प्रवाह तेज हो गया है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी लोगों को ठिठुरन और कनकनी का अहसास हो रहा है। खासकर खुले इलाकों, खेतों और सड़कों पर चलने वाले लोगों को ठंड का ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है। सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना लोगों की मजबूरी बन गई है, जबकि गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तर बिहार के कुछ जिलों में शीत दिवस और कोहरे की चेतावनी जारी की है। शीत दिवस की स्थिति तब बनती है जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में सूर्य की किरणें कमजोर पड़ जाती हैं और दिन भर ठंड का असर बना रहता है। उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज और आसपास के जिलों में कोहरे के साथ ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
वहीं दक्षिण बिहार के जिलों में रात के तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। गया, नवादा, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है। इससे रात और सुबह के समय ठंड और बढ़ेगी। ग्रामीण इलाकों में खुले मकानों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
राजधानी पटना की बात करें तो सोमवार को सुबह के समय मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ हो सकता है और धूप निकलने की उम्मीद है, लेकिन ठंडी पछुआ हवाओं के कारण ठंड का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक पटना के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट के आसार हैं, जिससे सुबह और देर रात लोगों को ज्यादा ठंड महसूस हो सकती है।
ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनना, ठंडी हवा से बचना और पर्याप्त गर्म भोजन करना जरूरी है। सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी के कारण बिहार में ठंड का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब तक उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा, तब तक तापमान में खास बढ़ोतरी की संभावना कम है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को कड़ाके की ठंड और शीतलहर जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।