Bihar weather : बिहार में कड़ाके की ठंड के बाद धूप से राहत, तराई में 19 जनवरी तक कोहरे का अलर्ट

लगभग एक सप्ताह तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझने के बाद बिहार में मौसम ने करवट ली है। राज्य के कई जिलों में चटक धूप निकलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिन का तापमान सामान्य स्तर पर पहुंचने से ‘कोल

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 16 Jan 2026 07:18:28 AM IST

Bihar weather : बिहार में कड़ाके की ठंड के बाद धूप से राहत, तराई में 19 जनवरी तक कोहरे का अलर्ट

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Bihar weather : लगभग एक सप्ताह से जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बाद बिहारवासियों को आखिरकार राहत मिली है। राज्य के अधिकांश जिलों में चटक धूप निकलने से लोगों ने सर्दी से कुछ राहत की सांस ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिन के तापमान में सुधार होने से ‘कोल्ड डे’ की स्थिति फिलहाल खत्म हो गई है, हालांकि रात का तापमान अभी भी 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने के कारण कनकनी बरकरार रहेगी।


पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में रविवार सुबह से ही तेज धूप देखने को मिली, जिससे सड़कों, बाजारों और पार्कों में लोगों की आवाजाही बढ़ी। पिछले कई दिनों से लोग धूप न निकलने और अत्यधिक ठंड के कारण घरों में दुबकने को मजबूर थे। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब धूप निकलने से लोग घर से बाहर निकलकर दैनिक कामकाज कर पा रहे हैं।


आईएमडी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय मौसम सुहावना रहेगा। हालांकि न्यूनतम तापमान में अभी ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। रात और सुबह के समय ठंड का असर बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत बनी रहेगी।


मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि उत्तर बिहार के तराई क्षेत्रों में 19 जनवरी तक कोहरे का असर जारी रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जैसे जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। इससे दृश्यता कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।


ठंड के कारण पिछले दिनों राज्य में जनजीवन काफी प्रभावित रहा। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया, वहीं कुछ जगहों पर प्राथमिक कक्षाओं को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा। गरीब और बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की गई। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण और अलाव जलाने जैसी व्यवस्थाएं कीं, जिससे जरूरतमंदों को कुछ राहत मिली।


चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, गरम पेय पदार्थ लेने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धूप निकलने से रबी फसलों को लाभ मिल सकता है। खासकर गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को धूप और सामान्य तापमान से बेहतर वृद्धि का मौका मिलेगा। हालांकि अत्यधिक ठंड और पाले की संभावना को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।


मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना नहीं है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है। हालांकि तराई क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा और मैदानी इलाकों में हल्की ठंड बनी रहेगी। लोगों को दिन में धूप का आनंद लेने का मौका मिलेगा, लेकिन रात और तड़के ठंड से बचाव के लिए सावधानी जरूरी होगी।


कुल मिलाकर, बिहार में कड़ाके की ठंड के बाद चटक धूप ने लोगों को बड़ी राहत दी है। कोल्ड डे की स्थिति समाप्त होने से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, हालांकि रात की ठंड और तराई क्षेत्रों में कोहरे के कारण पूरी तरह राहत अभी बाकी है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच लोगों को सतर्क रहकर स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है।