Bihar cold wave : नए साल में भी बिहार में ठंड का कहर, पटना समेत कई जिलों में शीतलहर और कोहरे से जनजीवन प्रभावित

नए साल की शुरुआत के बावजूद बिहार में ठंड का असर कम नहीं हुआ है। पटना समेत कई जिलों में धूप न निकलने से दिन और रात के तापमान में अंतर घट गया है, जिससे शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 09 Jan 2026 07:06:23 AM IST

Bihar cold wave : नए साल में भी बिहार में ठंड का कहर, पटना समेत कई जिलों में शीतलहर और कोहरे से जनजीवन प्रभावित

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Bihar cold wave :  बिहार में नए साल के आगमन के बाद भी ठंड का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जनवरी की शुरुआत होते ही लोगों को उम्मीद थी कि मौसम में थोड़ा सुधार होगा, लेकिन लगातार जारी शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। पटना सहित राज्य के कई जिलों में दिनभर धूप नहीं निकलने के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर काफी कम दर्ज किया जा रहा है, जिससे ठंड का एहसास और ज्यादा बढ़ गया है।


राजधानी पटना की बात करें तो सुबह से ही घना कोहरा छाया रहता है। कई इलाकों में दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। दिन चढ़ने के बाद भी बादलों की चादर आसमान पर छाई रहती है, जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। नतीजतन, दिन के समय भी लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।


मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण बिहार में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों—जैसे मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, वैशाली और छपरा—में ठंड का असर ज्यादा देखा जा रहा है। इन इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी 14 से 16 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा पा रहा है।


दक्षिण बिहार के जिलों—गया, नवादा, औरंगाबाद और रोहतास—में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां भी सुबह-शाम ठंडी हवाओं के साथ कोहरा छाया रहता है। ग्रामीण इलाकों में लोग खेतों में काम करने से कतरा रहे हैं, क्योंकि ठंड के कारण सुबह जल्दी निकलना मुश्किल हो गया है। किसान बताते हैं कि ठंड और नमी का असर सब्जियों और रबी की फसलों पर भी पड़ रहा है।


ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखा जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्म कपड़े पहनना, ठंडे पानी से बचना और सुबह-शाम बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।


ठंड और कोहरे का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ नजर आ रहा है। कई ट्रेनों के परिचालन में देरी हो रही है, जबकि कुछ ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। पटना जंक्शन और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पटना एयरपोर्ट पर भी दृश्यता कम होने के कारण कई उड़ानों में देरी या रद्द होने की स्थिति बन रही है।


राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही, बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए रैन बसेरों में कंबल और गर्म भोजन की व्यवस्था की जा रही है। पटना नगर निगम और अन्य नगर निकायों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि ठंड से किसी तरह की जनहानि न हो।


मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, बीच-बीच में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन व्यापक रूप से मौसम में बदलाव के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर नहीं होता, तब तक बिहार में ठंड का यह दौर जारी रह सकता है।


कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत बिहारवासियों के लिए ठिठुरन भरी साबित हो रही है। धूप के इंतजार में लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, लेकिन फिलहाल ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।