Bihar Co Action: बिहार की इस महिला CO ने किया बड़ा खेल ! म्यूटेशन के 814 आवेदन में पकड़ी गईं...फिर भी सिर्फ 'निंदन' की सजा

बिहार में दाखिल-खारिज प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आई है। पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन अंचल में तैनात रही महिला राजस्व अधिकारी उषा कुमारी ने 814 दाखिल-खारिज आवेदनों को पहले अस्वीकृत किया और फिर उसी दस्तावेज पर स्वीकृत कर दिया।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sat, 03 Jan 2026 02:21:27 PM IST

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Bihar Co Action: बिहार की एक महिला अंचल अधिकारी ने अपने पूर्व पदस्थापन पर बड़ा खेल किया. दाखिल खारिज आवेदन को एक बार अस्वीकृत किया, फिर उसी दस्तावेज को स्वीकृत किया. इस तरह के कुल 814 आवेदन मिले. हालांकि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दंड में सिर्फ निंदन की सजा दी है . राजस्व सेवा की महिला अधिकारी वर्तमान में गया जिले के शेरघाटी अंचल की अंचल अधिकारी हैं. 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन अंचल के तत्कालीन राजस्व अधिकारी उषा कुमारी के खेल को पकड़ा. इनके द्वारा ऑनलाइन दाखिल खारिज के 814 आवेदन को एक बार स्वीकृत किया गया, फिर उसी दस्तावेज पर दाखिल खारिज आवेदन को स्वीकृत किया. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि यह नियम का उल्लंघन है. इस आलोक में इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया.

तत्कालीन राजस्व अधिकारी व वर्तमान सीओ उषा कुमारी ने 3 जुलाई 2024 को स्पष्टीकरण समर्पित किया. विभाग ने समीक्षा में पाया कि ऑनलाइन दाखिल खारिज के 814 मामलों को एक बार अस्वीकृत कर, इसी दस्तावेज पर फिर से स्वीकृत किया. इन्होंने जो जवाब दिया है वो स्वीकार योग्य नहीं है. आवेदन एक बार अस्वीकृत हो जाने पर इस दस्तावेज को फिर से स्वीकृत नहीं किया जा सकता. आवेदन की अस्वीकृति के बाद उस मामले को भूमि सुधार उपसहार्ता के न्यायालय में रेफर करना चाहिए था ना कि दाखिल ख़ारिज़ वाद को स्वीकृत करना था. ऐसे में उषा कुमारी तत्कालीन राजस्व अधिकारी घोड़ासहन का स्पष्टीकरण स्वीकार्य योग्य नहीं है. विभाग ने इन्हें निंदन की सजा दी है. बता दें उषा कुमारी वर्तमान में गया के शेरघाटी अंचल की अंचल अधिकारी हैं.