1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 16 Jan 2026 01:41:09 PM IST
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Nitish Kumar Samridhi Yatra : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के अगले पांच वर्षों (2025 से 2030) की विकास रूपरेखा को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया। मंच से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में राज्य सरकार एक तय एजेंडे के तहत काम करेगी, जिसका उद्देश्य बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना और विकसित राज्यों की सूची में शामिल कराना है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब बिहार को पीछे नहीं बल्कि आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते वर्षों में कई अहम क्षेत्रों में काम किया है, लेकिन अब अगले पांच सालों में विकास की गति और तेज की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बार केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे बड़े स्तर पर योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकेगा। उन्होंने कहा, “हम सब लोगों ने तय किया है कि इस बार इतना काम होगा कि बिहार विकसित राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार 2025 से 2030 तक एक स्पष्ट एजेंडे के तहत काम करेगी। इस एजेंडे में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, उद्योग, सड़क, बिजली, पानी और सामाजिक न्याय जैसे अहम क्षेत्र शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल योजनाएं घोषित करने पर नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
अपने भाषण के दौरान नीतीश कुमार ने राजनीतिक स्थिरता और एकजुटता पर भी जोर दिया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि “इधर-उधर कोई चला जाता है तो बेमतलब का काम करने लगता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी लोग साथ हैं और मिलकर काम करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे लोगों की बातों में न आएं जो केवल भ्रम फैलाने का काम करते हैं। “जो इधर-उधर की बात करता है, उसकी बात ही मत दीजिए, क्योंकि वे लोग कोई काम नहीं करते,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि राज्य के हर वर्ग का विकास है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं, किसानों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि युवाओं को अपने ही राज्य में काम के अवसर मिल सकें और पलायन पर रोक लगे।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी आगे बुलाया। उन्होंने सभी से जनता से सीधे संवाद करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप लोग जनता के पास जाइए, उनसे नमस्कार कीजिए और उनसे पूछिए कि आप लोग काम कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं। अगर काम कर रहे हैं तो जनता खुद बताएगी।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को सिर्फ मंच पर भाषण देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए।
नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार की पहचान उसके काम से होती है, न कि सिर्फ घोषणाओं से। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में बिहार में विकास की रफ्तार और तेज होगी। सड़क, पुल, शिक्षा संस्थान, अस्पताल, सिंचाई व्यवस्था और औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और विकास—तीनों को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार तभी सफल हो सकती है जब जनता का भरोसा और समर्थन साथ हो। उन्होंने कहा कि समृद्धि यात्रा का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि जनता से संवाद स्थापित करना और उनके सुझावों को सुनना भी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से बिहार निश्चित रूप से विकास की नई कहानी लिखेगा और आने वाले वर्षों में देश के विकसित राज्यों की कतार में खड़ा नजर आएगा।