बिहार में जमीन और फ्लैट खरीदने वालों के लिए शुक्रवार से नई सरकारी दरें यानी सर्किल रेट लागू हो गई हैं। राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में जमीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2010 की तुलना में कई इलाकों में जमीन की सरकारी कीमत 30 से 60 गुना तक बढ़ गई है। नई दरों का सबसे ज्यादा असर राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों पर देखने को मिल रहा है।
पटना के बोरिंग रोड, डाकबंगला चौराहा, फ्रेजर रोड, गांधी मैदान, अशोक राजपथ, एक्जीबिशन रोड, खाजपुरा और गोरिया टोली जैसे प्रमुख इलाकों में मुख्य सड़क से सटी जमीन की नई सर्किल दर 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की गई है। इन इलाकों में अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए प्रति कट्ठा कम से कम 2.5 करोड़ रुपये का मूल्य दिखाना होगा। नई दरों के अनुसार फ्लैटों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैट की सरकारी कीमत 5,500 रुपये से लेकर 11,500 रुपये प्रति वर्ग फीट तक निर्धारित की गई है। इससे रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी पर भी असर पड़ेगा।
सबसे अधिक वृद्धि खाजपुरा, सगुना मोड़ और बाईपास क्षेत्र में दर्ज की गई है। वर्ष 2010 में जहां सगुना मोड़ क्षेत्र में जमीन की कीमत मात्र एक लाख रुपये प्रति डिसमिल थी, वहीं अब यह बढ़कर 60 लाख रुपये प्रति डिसमिल पहुंच गई है। सड़क चौड़ीकरण और तेजी से हुए शहरी विकास को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। एम्स पटना, जीरो माइल, संपतचक, पहाड़ी और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रों में भी पिछले एक दशक के दौरान जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में संपतचक, गौरीचक, नौबतपुर और बिहटा के आसपास जमीन की सरकारी दरों में बड़ा इजाफा देखा गया है।
पटना के मीठापुर इलाके में वर्ष 2010 में व्यावसायिक सड़क पर जमीन की दर करीब 1.78 लाख रुपये प्रति डिसमिल थी, जो अब बढ़कर 60 लाख रुपये हो गई है। वहीं बोरिंग रोड की कीमत 5 लाख रुपये से बढ़कर 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल पहुंच गई है। राजाबाजार, कंकड़बाग, अनिसाबाद और दीघा जैसे क्षेत्रों में भी नई दरों ने संपत्ति बाजार को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सर्किल दरों से रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन आम खरीदारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ सकता है।
सरकार ने शहरी क्षेत्रों की जमीन को पांच श्रेणियों में विभाजित किया है। इनमें व्यावसायिक प्रधान सड़क, व्यावसायिक मुख्य सड़क, व्यावसायिक सहायक सड़क, आवासीय मुख्य सड़क और आवासीय सहायक सड़क शामिल हैं। वहीं ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में नौ अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। नई सर्किल दरों के लागू होने के बाद जमीन और फ्लैट की खरीद-बिक्री पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश की प्रवृत्ति और अधिक बढ़ सकती है।
"प्रमुख इलाकों की नई सर्किल रेट सूची"
प्रमुख इलाकों की नई सर्किल रेट सूची (प्रति डिसमिल)
| इलाका | 2010 दर | 2026 नई दर | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| बोरिंग रोड | ₹5 लाख | ₹80 लाख | 16 गुना |
| डाकबंगला चौराहा | ₹5.50 लाख | ₹80 लाख | 14 गुना |
| फ्रेजर रोड/एक्जीबिशन रोड | ₹5.50 लाख | ₹80 लाख | 14 गुना |
| अशोक राजपथ | ₹5 लाख | ₹80 लाख | 16 गुना |
| दीघा | ₹2.25 लाख | ₹70 लाख | 31 गुना |
| मीठापुर | ₹1.78 लाख | ₹60 लाख | 33 गुना |
| कंकड़बाग | ₹3.50 लाख | ₹60 लाख | 17 गुना |
| अनिसाबाद | ₹2.30 लाख | ₹60 लाख | 26 गुना |
| राजाबाजार | ₹3 लाख | ₹60 लाख | 20 गुना |
| पुरंदरपुर | ₹2.53 लाख | ₹60 लाख | 24 गुना |
| सगुना मोड़ | ₹1 लाख | ₹60 लाख | 60 गुना |
| खाजपुरा | — | ₹80 लाख तक | — |
आवासीय सहायक सड़क की नई दरें
| इलाका | नई दर (2026) |
|---|---|
| डाकबंगला | ₹60 लाख |
| फ्रेजर रोड | ₹60 लाख |
| बोरिंग रोड | ₹41 लाख |
| मीठापुर | ₹40 लाख |
| अनिसाबाद | ₹40 लाख |
| कंकड़बाग | ₹40 लाख |
| राजाबाजार | ₹40 लाख |
| दीघा | ₹40 लाख |
| पुरंदरपुर | ₹35 लाख |
| सगुना मोड़ | ₹35 लाख |
फ्लैट की नई सरकारी दर
न्यूनतम दर: ₹5,500 प्रति वर्ग फीट
अधिकतम दर: ₹11,500 प्रति वर्ग फीट
प्रीमियम इलाकों में रजिस्ट्री के लिए अब अधिक मूल्य दिखाना अनिवार्य होगा। (SquareYards)
सबसे महंगा इलाका: बोरिंग रोड, डाकबंगला, फ्रेजर रोड और अशोक राजपथ (₹80 लाख प्रति डिसमिल)
सबसे बड़ी बढ़ोतरी: सगुना मोड़ (करीब 60 गुना)
फ्लैट की नई दर: ₹5,500 से ₹11,500 प्रति वर्ग फीट
रजिस्ट्री पर असर: स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ेगा। (SquareYards)





