Bihar Teacher : बिहार में 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में राज्य के शिक्षा विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब अपने नियमित शिक्षण कार्य के साथ-साथ जनगणना कार्य में भी भाग लेंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में तैनात किए गए शिक्षक अपने स्कूल के समय के पहले या बाद में ही फील्ड वर्क करेंगे। यानी वे स्कूल के निर्धारित शिक्षण समय के दौरान किसी भी प्रकार की जनगणना गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों की पढ़ाई पर किसी प्रकार का असर न पड़े और शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को 31 मई तक चलने वाले अनिवार्य प्रशिक्षण कार्य से अस्थायी रूप से मुक्त रखा जाएगा, ताकि वे अपने शैक्षणिक दायित्वों को बिना बाधा पूरा कर सकें। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के अनुरूप है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मी अपनी नियमित सेवा के अतिरिक्त समय में ही फील्ड ड्यूटी करेंगे।
हालांकि, इस आदेश के बाद शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति भी देखने को मिल रही है। कई शिक्षकों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में उपस्थिति दर्ज करने के अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। शिक्षकों की मांग है कि जनगणना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं और उपस्थिति प्रणाली को लेकर शिक्षा विभाग एक समान और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी न रहे।
इसके साथ ही शिक्षकों ने यह भी सुझाव दिया है कि अनिवार्य प्रशिक्षण और अतिरिक्त कार्यभार को लेकर उन्हें स्पष्ट रूप से छूट या समय-समन्वय प्रदान किया जाए, ताकि वे बिना तनाव के दोनों जिम्मेदारियों को निभा सकें।
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक स्कूलों में नियमित रूप से अध्यापन कार्य जारी रखेंगे और जनगणना संबंधी कार्य केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर ही करेंगे। बिहार में वर्तमान में गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकांश स्कूल सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित हो रहे हैं। ऐसे में जनगणना कार्य के लिए दिन के समय का चयन करना व्यवहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
इसी कारण विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है कि शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर या शाम के समय जनगणना से संबंधित फील्ड वर्क पूरा करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि न तो स्कूल की पढ़ाई बाधित हो और न ही जनगणना कार्य प्रभावित हो।
कुल मिलाकर, यह निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। अब देखना यह होगा कि जिला स्तर पर इसे कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है और शिक्षकों की मांगों पर क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।




