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Bihar Bypass News: बिहार के इन जिलों में बनेंगे नए बाइपास, केंद्र ने दी मंजूरी; जानिए पूरी लिस्ट

Bihar Bypass News: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए दर्जनों नए बाइपास बनाए जा रहे हैं। अरवल में 12 किमी फोरलेन बाइपास को मंजूरी मिली है। वहीं कई जिलों में निर्माण कार्य जारी है और नए प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित हैं।

Bihar Bypass News: बिहार के इन जिलों में बनेंगे नए बाइपास, केंद्र ने दी मंजूरी; जानिए पूरी लिस्ट
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Bypass News: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और शहरों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बड़े स्तर पर बाइपास निर्माण की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ-साथ बिहार का पथ निर्माण विभाग भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई नए बाइपास बनाने की दिशा में काम कर रहा है। कुछ परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कई जगहों पर निर्माण कार्य जारी है।

बाइपास बनने से शहरों के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, एक जिले से दूसरे जिले तक सफर करने वाले वाहनों को भी बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

अरवल में 12 किलोमीटर का फोरलेन बाइपास

केंद्र सरकार ने बिहार के अरवल जिले के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एनएच-139 पर नौबतपुर-हरिहरगंज मार्ग के तहत करीब 12 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इस बाइपास के निर्माण से अरवल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। फोरलेन सड़क होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम होगी।

जमुई और पश्चिम चंपारण में भी नई परियोजनाएं

बिहार के जमुई जिले के झाझा इलाके में भी बाइपास निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। यहां मांगोबंदर, केंदुआ, टोलसोना और नरगंजो को बाइपास परियोजनाओं से जोड़ा गया है। वहीं, पश्चिम चंपारण में भैरोगंज बाइपास के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद स्थानीय यातायात के साथ-साथ लंबी दूरी के वाहनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

कई जगहों पर पहले से चल रहा बाइपास का काम

बिहार में सिर्फ नई परियोजनाओं को मंजूरी ही नहीं दी जा रही है, बल्कि कई महत्वपूर्ण बाइपास का निर्माण पहले से चल रहा है। इनमें छपरा-रिविलगंज बाइपास, आरा बाइपास, बक्सर-चौसा बाइपास और शेखपुरा बाइपास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा जमुई, खैरा, कटोरिया, बांका, पंजवारा और लखपुरा बाइपास पर भी काम की योजना या निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वहीं रानीगंज, औरंगाबाद-दाउदनगर, पूर्णिया तथा मधुबनी-बेनीपट्टी-उच्चैठ क्षेत्र में भी बाइपास परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

प्रगति यात्रा की घोषणाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी

बिहार में कई बाइपास परियोजनाओं की नींव तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से जुड़ी है। इन घोषणाओं को अब योजनाओं के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। पथ निर्माण विभाग ने नाबार्ड से ऋण को लेकर समझौता किया है। इसी वित्तीय संसाधन का इस्तेमाल राज्य में बड़ी संख्या में बाइपास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाना है।

पीरो से लेकर जयनगर तक कई इलाकों को फायदा

बिहार के आरा जिले के पीरो को भी जाम से राहत दिलाने के लिए बाइपास निर्माण की योजना है। इसके अलावा पटना जिले के बिहटा और मनेर में भी बाइपास बनाए जाने की तैयारी है। इसी कड़ी में मधुबनी-जयनगर, गोपालगंज-मीरगंज, फारबिसगंज-अररिया, किशनगंज, सुपौल-त्रिवेणीगंज, नवादा-हिसुआ तथा सीतामढ़ी-शिवहर जैसे इलाकों को भी बाइपास परियोजनाओं से जोड़ने की योजना है।

आखिर क्या बदलेगा?

इन बाइपास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार के कई शहरों और कस्बों में मुख्य बाजारों से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम हो सकता है। इससे ट्रैफिक जाम में कमी, यात्रा के समय में बचत, सड़क सुरक्षा में सुधार और कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बिहार में बाइपास निर्माण का यह अभियान राज्य की सड़क कनेक्टिविटी के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अगर प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में कई शहरों की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदलती नजर आ सकती है।