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Bihar Bhumi: जमीन खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये 5 कागज, वरना प्लॉट के साथ खरीद लेंगे विवाद!

बिहार में जमीन या प्लॉट खरीदने की तैयारी है तो पहले सावधान हो जाइए। रजिस्ट्री से पहले 5 जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड चेक करना बेहद जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही आपकी जमीन को सालों पुराने विवाद में फंसा सकती है।

Bihar Bhumi: जमीन खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये 5 कागज, वरना प्लॉट के साथ खरीद लेंगे विवाद!
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन या प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जमीन खरीदना जिंदगी के बड़े फैसलों में से एक होता है। ऐसे में अगर आपने थोड़ी भी लापरवाही की तो मेहनत की कमाई से खरीदी गई जमीन बाद में विवाद की वजह बन सकती है। कई बार लोग सिर्फ जमीन देखकर और विक्रेता की बातों पर भरोसा करके सौदा कर लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि जमीन के रिकॉर्ड में ही गड़बड़ी है।

जमीन से जुड़े विवाद और धोखाधड़ी को कम करने के लिए बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से संबंधित कई सेवाओं और रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। अब खरीदार घर बैठे जमीन की जमाबंदी और अन्य जरूरी जानकारियां ऑनलाइन देख सकते हैं। हालांकि, जमीन खरीदने से पहले रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है।

जमीन खरीदने से पहले जल्दबाजी न करें

जमीन खरीदते समय सिर्फ जमीन की कीमत, लोकेशन और कागजात देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जमीन बेचने वाले व्यक्ति का वास्तव में उस जमीन पर मालिकाना हक है या नहीं।अगर रिकॉर्ड में किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज है या जमीन में कई हिस्सेदार हैं, तो भविष्य में विवाद खड़ा हो सकता है। इसलिए रजिस्ट्री से पहले जमीन से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लेना चाहिए।

1. जमीन बेचने वाले के नाम की जांच करें

सबसे पहली और जरूरी जांच यह है कि जमीन बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसका मालिक है या नहीं। ऑनलाइन जमाबंदी में दर्ज नाम को विक्रेता के दस्तावेजों से मिलाएं। कई मामलों में जमीन की जमाबंदी अभी भी पुराने मालिक या पूर्वज के नाम पर दर्ज होती है। ऐसे में केवल मौखिक दावे के आधार पर जमीन खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए यह जरूर देखें कि जमीन का रिकॉर्ड किसके नाम पर दर्ज है।

2. जमीन सरकारी या गैर मजरुआ तो नहीं?

जमीन खरीदने से पहले यह भी पता करें कि जिस जमीन का सौदा किया जा रहा है, वह सरकारी जमीन या गैर मजरुआ जमीन तो नहीं है। ऐसी जमीन को लेकर बाद में बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है। जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी के लिए बिहार के Bhu Abhilekh पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। खरीदार को जमीन की प्रकृति और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण की जांच जरूर करनी चाहिए।

3. ऑनलाइन जमाबंदी जरूर देखें

जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड यानी जमाबंदी की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर संबंधित जमीन की जमाबंदी देखी जा सकती है। जमाबंदी में जमीन के मालिक का नाम, खाता संख्या और अन्य महत्वपूर्ण विवरण दर्ज होते हैं। इसलिए विक्रेता द्वारा दिए गए कागजात और ऑनलाइन रिकॉर्ड का आपस में मिलान जरूर करें।

4. दूसरे हिस्सेदारों की सहमति जांचें

अगर जमीन की जमाबंदी में एक से ज्यादा लोगों के नाम दर्ज हैं तो सिर्फ एक हिस्सेदार से जमीन खरीदने में जल्दबाजी न करें। यह देखना जरूरी है कि जमीन बेचने के लिए बाकी हिस्सेदारों की सहमति है या नहीं। यदि जमीन संयुक्त स्वामित्व वाली है और दूसरे हिस्सेदारों की सहमति नहीं है, तो भविष्य में विवाद होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए सभी संबंधित हिस्सेदारों के अधिकार और सहमति की जांच करना जरूरी है।

5. खाता, खेसरा और रकबा का मिलान करें

जमीन खरीदते समय खाता नंबर, खेसरा नंबर और रकबा का मिलान करना सबसे महत्वपूर्ण जांचों में शामिल है। विक्रेता द्वारा बताए गए प्लॉट और ऑनलाइन जमाबंदी में दर्ज विवरण एक जैसा होना चाहिए।  जमीन का रकबा यानी क्षेत्रफल भी ध्यान से जांचें। अगर दस्तावेजों में जमीन का क्षेत्रफल कुछ और है और मौके पर जमीन कुछ और निकलती है तो बाद में विवाद हो सकता है।

दाखिल-खारिज भी है बेहद जरूरी

जमीन खरीदने के बाद अपने नाम पर मालिकाना हक का रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए दाखिल-खारिज कराना जरूरी होता है। लेकिन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सही तरीके से तभी हो सकती है, जब जमीन का रिकॉर्ड और विक्रेता का अधिकार स्पष्ट हो। इसलिए सिर्फ रजिस्ट्री करा लेना ही पर्याप्त नहीं है। खरीदार को जमीन के रिकॉर्ड की जांच से लेकर दाखिल-खारिज तक की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा करना चाहिए।

घर बैठे ऑनलाइन जांच सकते हैं जमीन का रिकॉर्ड

बिहार में जमीन से संबंधित कई जानकारियां अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। खरीदार बिहार भूमि पोर्टल के जरिए जमाबंदी और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी हासिल कर सकते हैं।  जमीन खरीदते समय सबसे जरूरी बात है कि किसी भी कागज या विक्रेता की बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पहले रिकॉर्ड की जांच करें, खाता-खेसरा और रकबा का मिलान करें, सभी हिस्सेदारों की स्थिति स्पष्ट करें और उसके बाद ही जमीन खरीदने का फैसला लें। थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य के बड़े जमीन विवाद से बचा सकती है।