Bihar Latest News : बिहार में पुल और पुलियों की जर्जर स्थिति को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अभी कुछ ही दिनों पहले भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के ध्वस्त होने की घटना सामने आई थी, और अब पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल में एक पुलिया धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में पुलिया पर बैठे छह युवक मलबे में दबकर घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला।
घटना बाढ़ अनुमंडल के बेलछी प्रखंड अंतर्गत सकसोहरा थाना क्षेत्र की अंदौली दरवेशपुरा पंचायत के दल्लोचक गांव की है। बताया जा रहा है कि गांव में जल निकासी के लिए करीब 15 वर्ष पहले एक पुलिया का निर्माण कराया गया था। समय के साथ पुलिया जर्जर हो चुकी थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। गुरुवार सुबह गांव के कुछ युवक पुलिया पर बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक पुलिया दो हिस्सों में टूटकर नीचे धंस गई।
हादसे के समय पुलिया पर करीब छह युवक मौजूद थे। पुलिया टूटते ही सभी युवक मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बांस तथा अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल सकसोहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घायलों की पहचान आर्यन कुमार, अभिमन्यु कुमार, पिंटू कुमार, सौरभ कुमार, गौरव कुमार समेत अन्य युवकों के रूप में हुई है। सभी की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे में सभी युवकों को चोटें आई हैं, हालांकि किसी की स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिया निर्माण के समय घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और वर्षों से उसकी मरम्मत नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को पुलिया की खराब स्थिति के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सूचना मिलते ही सकसोहरा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटना की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि घायलों का इलाज कराया जा रहा है और पुलिया धंसने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भागलपुर जिले में स्थित करीब 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था। यह पुल भागलपुर और नवगछिया के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। जिला प्रशासन के अनुसार, रविवार रात करीब 12:50 बजे पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार आई थी, जिसके कुछ देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया था। हादसे के बाद दोनों ओर से यातायात रोक दिया गया था।
विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद विपक्ष ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला था। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav और पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने सरकार की कार्यशैली और निर्माण एजेंसियों पर सवाल उठाए थे। वहीं मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने खुद हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया था और तीन महीने के भीतर मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था।
लगातार सामने आ रही पुल और पुलियों की घटनाओं ने बिहार में निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने हो चुके पुल-पुलियों की समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। अब देखना होगा कि सरकार इन घटनाओं से सबक लेकर कितनी तेजी से ठोस कार्रवाई करती है।




