पटना/बाढ़: बिहार के बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव के सैदपुर टोला में 30 अगस्त को संदिग्ध जहरीला पेय पदार्थ पीने से चार युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि कथित साजिश के तहत की गई हत्या बताया है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार के अनुसार, मृतक निशु राज के साथ आरोपी लाली कुमार की बहन के कथित प्रेम संबंध को लेकर यह साजिश रची गई और शराब में जहर मिलाकर निशु समेत चार युवकों को पिला दिया गया।लेकिन पुलिस के इस दावे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है- जिस प्रेम प्रसंग को चार मौतों की वजह बताया जा रहा है, उसका सबूत आखिर है कहां?
पुलिस की कहानी सामने आने के बाद जिस लड़की का नाम इस मामले में चर्चा में आया है, उसने खुद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लड़की ने थाना पहुँच कर यह आरोप लगाया है कि उसका नाम इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। उसका कहना है कि उसका इस घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है और पुलिस की ओर से बताई जा रही प्रेम प्रसंग की कहानी पूरी तरह बेबुनियाद है।
‘मेरे नाम पर कहानी क्यों गढ़ी जा रही है?’
लड़की का कहना है कि पुलिस ने जिस कथित प्रेम संबंध को इस पूरे हत्याकांड की वजह बताया है, वह तथ्यहीन है। उसने साफ शब्दों में कहा है कि उसके खिलाफ बयानबाजी की जा रही है और पुलिस अधिकारियों की ओर से उसके बारे में गलत बातें कही गई हैं तो वह उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करेगी।लड़की ने यह भी कहा कि उसके पति फौज में हैं और इस पूरे मामले को लेकर उनसे उसकी बातचीत हुई है। दोनों ने कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है।यानी पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब कहानी का दूसरा पक्ष भी सामने है। पुलिस कह रही है कि प्रेम प्रसंग हत्या की साजिश की वजह बना, जबकि संबंधित लड़की ही इस दावे को सिरे से खारिज कर रही है।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है- अगर प्रेम प्रसंग इतना अहम था कि चार लोगों की हत्या की साजिश तक पहुंच गया, तो उस प्रेम प्रसंग के ठोस सबूत कहां हैं?
मोबाइल डिटेल, तस्वीर या कोई और सबूत?
पुलिस के खुलासे के बाद सैदपुर टोला के लोगों में भी नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से कथित प्रेम संबंध को लेकर सबूत मांगे हैं। उनका सवाल सीधा है- क्या निशु और संबंधित महिला के बीच बातचीत के मोबाइल रिकॉर्ड सामने आए हैं? क्या कोई तस्वीर है? क्या कोई ऐसा दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य है, जिससे पुलिस की प्रेम प्रसंग वाली थ्योरी पुष्ट हो? ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ किसी के कथित बयान के आधार पर प्रेम प्रसंग को चार युवकों की मौत की वजह बताना कई सवाल खड़े करता है।क्या मोबाइल डिटेल सामने आएगी? क्या कॉल रिकॉर्ड की जांच हुई? क्या चैट या तस्वीरें हैं? या फिर पुलिस की कहानी अभी सिर्फ पूछताछ में सामने आई बातों तक सीमित है? इन सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना बाकी है।
निशु के पिता का बड़ा आरोप- शराब के मामले को दबाया जा रहा
मृतक निशु के पिता राजकुमार ने पुलिस के खुलासे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस असली मुद्दे यानी संदिग्ध जहरीली शराब या जहरीले पेय पदार्थ से हुई मौत की जांच से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।राजकुमार का कहना है कि चार युवकों की मौत हुई है। ऐसे में यह पता लगाना सबसे जरूरी है कि आखिर उन्होंने क्या पिया था, उसमें क्या मिला हुआ था और वह जहरीला पदार्थ वहां तक कैसे पहुंचा।उनका आरोप है कि प्रेम प्रसंग की कहानी सामने लाकर शराब से जुड़े सवाल को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।यह आरोप बेहद गंभीर है। क्योंकि इस पूरे मामले में शुरुआत से ही सबसे बड़ा सवाल यही रहा है कि चार युवकों की एक साथ मौत आखिर किस पदार्थ के सेवन से हुई? अगर शराब या किसी जहरीले पेय पदार्थ की बात सामने आई थी, तो उसकी वैज्ञानिक जांच, सैंपल की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की सबसे अहम कड़ियां हो सकती हैं।
‘पांच पैग रखे थे तो पांचवां पैग लाली का ही था?’
इधर गिरफ्तार युवक लाली की बहन जिसका नाम प्रेम प्रसंग में सामने आया है उसने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए एक बेहद अहम बात कही है। उसका कहना है कि अगर घटनास्थल पर पांच पैग शराब रखे थे तो इसका यह मतलब नहीं कि पांचवां पैग लाली कुमार का ही था।उसने सवाल किया कि यदि लाली कुमार गलत इरादे से वहां मौजूद था तो वह लोगों को इकट्ठा क्यों करता? घटना के बाद मृतकों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश क्यों करता?लड़की का दावा है कि घटना के बाद लाली ही सभी लोगों को अस्पताल ले गया। बाढ़ में उचित इलाज नहीं मिलने के बाद उन्हें पटना रेफर किया गया। यही बिंदु अब जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर पुलिस के मुताबिक लाली पहले से साजिश रच रहा था, तो घटना के बाद उसका व्यवहार क्या था? क्या वह आरोपों की पुष्टि करता है या कहानी में कोई दूसरी कड़ी जोड़ता है?
‘कबूलनामे’ पर भी सवाल
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी लाली कुमार ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार उसने बाजार से जहर खरीदा और उसे शराब में मिलाकर निशु और उसके दोस्तों को पिला दिया। लेकिन लाली की बहन का दावा है कि पुलिस हिरासत में उसके भाई को प्रताड़ित किया गया और इसी वजह से उसने कथित तौर पर ऐसी बातें कही हैं। यह दावा भी अब जांच के दायरे में आना चाहिए। क्योंकि किसी भी गंभीर आपराधिक मामले में सिर्फ कथित स्वीकारोक्ति से आगे बढ़कर स्वतंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्यों की अहमियत बेहद ज्यादा होती है।जहर कहां से खरीदा गया? उसकी खरीद का कोई रिकॉर्ड है? जहर की बरामदगी हुई? शराब में जहर मिलाने के क्या वैज्ञानिक प्रमाण मिले? मृतकों के शरीर में वही पदार्थ मिला या नहीं? घटनास्थल से मिले सैंपल की रिपोर्ट क्या कहती है?इन सवालों के जवाब इस केस की दिशा तय कर सकते हैं।
चार मौतें और कई अनसुलझे सवाल
निशु राज, शशि, विकास और पंकज की मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों की गिरफ्तारी का दावा किया है। इनमें लाली कुमार, रुदल कुमार और एक नाबालिग बताया जा रहा है। एसआईटी ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। लेकिन पुलिस की कहानी सामने आने के बाद अब मृतक के परिवार और ग्रामीण एक ही सवाल पूछ रहे हैं- क्या प्रेम प्रसंग की कहानी के पीछे ठोस सबूत हैं या यह जांच का सिर्फ एक एंगल है?\चार परिवारों के घरों में मातम है। ऐसे में इस मामले को किसी एक थ्योरी पर खत्म करने के बजाय हर पहलू की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच जरूरी है। क्योंकि अगर पुलिस का दावा सही है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। और अगर प्रेम प्रसंग की कहानी में कोई झोल है, तो उसकी सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।चार मौतों का सच सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस से तय नहीं होगा। सच तय होगा सबूतों से। अब निगाहें मोबाइल डिटेल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा/फॉरेंसिक जांच और कथित जहरीले पदार्थ के वैज्ञानिक प्रमाण पर हैं। सबसे बड़ा सवाल फिलहाल यही है- बाढ़ के इस मौत कांड में प्रेम प्रसंग असली वजह था या असली वजह से ध्यान भटकाने वाली कहानी?





