सूत्रों के अनुसार, बहादुरपुर कॉलोनी में लगभग 750 से अधिक फ्लैटों को अवैध कब्जा या अतिक्रमण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें कई ऐसे मामले हैं, जहां लोग लंबे समय से फ्लैटों पर अवैध रूप से रह रहे हैं। बोर्ड ने कहा है कि यह कदम संपत्तियों के वैध प्रबंधन और आवास बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए उठाया जा रहा है।
बोर्ड की चेतावनी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की संपत्ति को होने वाली हानि के लिए संबंधित अतिक्रमणकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिक्रमणकारियों को बोर्ड ने अपने कब्जे को स्वेच्छा से हटाने की अपील भी की है।
बिहार राज्य आवास बोर्ड के सचिव राहुल बर्मन ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को यह अंतिम चेतावनी दी गई है और यदि इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल कानून और नियमों के अनुसार फ्लैटों का प्रबंधन करना है, और किसी को भी अतिक्रमण जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्थानीय लोगों और अतिक्रमणकारियों के बीच इस सूचना के बाद हड़कंप मच गया है। कई लोग लंबे समय से फ्लैटों पर रह रहे थे और अब उन्हें जल्द ही खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि फ्लैटों पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण की समस्या सिर्फ पटना प्रमंडल-2 तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में देखा गया है।
अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इन टीमों में जिला प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय पुलिस शामिल होंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की संपत्ति क्षति के लिए जिम्मेदारी अतिक्रमणकारियों की होगी, जिससे उन्हें स्वयं सावधानी बरतनी होगी।
बोर्ड की ओर से यह संदेश स्पष्ट है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध कब्जा हटाना अनिवार्य है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि जो लोग समय रहते कब्जा नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हालांकि बोर्ड ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए अपील भी की है कि वे स्वेच्छा से कब्जा हटाकर किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी से बचें। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम कॉलोनी में अव्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या को दूर करने में मदद करेगा और भविष्य में फ्लैटों का सही उपयोग सुनिश्चित करेगा।
पटना प्रमंडल-2 के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह के अतिक्रमण की रोकथाम के लिए नई नीतियां और सख्त निगरानी लागू की जाएगी। इससे न केवल बोर्ड की संपत्तियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी आवास सुविधाओं का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।बोर्ड की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि बिहार राज्य आवास बोर्ड ने अवैध कब्जा और अतिक्रमण के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया है और नियमों का पालन कराना उसकी प्राथमिकता है।