Bihar Assembly : बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का चौथा दिन राजनीतिक और विधायी दोनों ही दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष देशव्यापी NEET पेपर लीक मामले और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है, वहीं दूसरी ओर सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी (अनुपूरक बजट) और बिहार विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 सदन में पेश करेगी। ऐसे में गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक और हंगामे के पूरे आसार हैं।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष ने पहले से ही दोनों मुद्दों पर अपनी रणनीति तय कर ली है। माना जा रहा है कि प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा और सदन में जोरदार विरोध दर्ज करा सकता है। पिछले दिन हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद विधानसभा का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी रही।
प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
कार्यसूची के अनुसार, चौथे दिन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इस दौरान शिक्षा और सहकारिता विभाग से जुड़े तारांकित प्रश्नों का सरकार जवाब देगी। इसके बाद वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन के पटल पर रखेंगे। साथ ही बिहार विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा, जिससे अनुपूरक बजट में प्रस्तावित खर्च को कानूनी मंजूरी मिल सके।
तीन दिनों में 20 विधेयकों को मिली मंजूरी
मानसून सत्र के शुरुआती तीन दिनों में सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाया है। तीसरे दिन अकेले 13 विधेयक विधानसभा से पारित कराए गए, जबकि दूसरे दिन 7 विधेयक पास हुए थे। इस तरह अब तक कुल 20 विधेयकों को सदन की स्वीकृति मिल चुकी है। विपक्ष ने कई विधेयकों पर चर्चा के दौरान आपत्तियां भी दर्ज कराईं, लेकिन सरकार ने बहुमत के आधार पर सभी प्रस्तावित विधेयकों को पारित करा लिया।
अपराध नियंत्रण कानून में संशोधन को मिली मंजूरी
तीसरे दिन सदन ने बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक भी पारित कर दिया। विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाई गई कई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ही संशोधन किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी अपराध किए जा रहे हैं। पुराने कानून में ऐसे मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के पर्याप्त प्रावधान नहीं थे। संशोधन का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सूखे और बिजली आपूर्ति पर भी गरमाया सदन
बुधवार को सदन में सूखे और किसानों को बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विपक्ष ने सूखे की स्थिति को लेकर हंगामा किया और कुछ समय के लिए विधायक वेल में भी पहुंच गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई।
प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के एक विधायक ने भी किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षा कम हुई है, वहां किसानों को राहत देने के लिए सरकार पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में सुखाड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है, वहां के जिलाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत उपाय शुरू किए जाएंगे। यदि किसी इलाके में सूखे की स्थिति घोषित होती है तो किसानों को डीजल अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि सिंचाई प्रभावित न हो।
विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक भी हुआ पारित
मानसून सत्र के तीसरे दिन बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 भी विधानसभा से पारित हो गया। इस विधेयक के तहत मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने का प्रावधान किया गया है तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारों में बदलाव किया गया है।
अब चौथे दिन सदन में विपक्ष के तेवर और सरकार के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं। NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन, अनुपूरक बजट और अन्य अहम विधायी कार्यों के बीच बिहार विधानसभा का यह दिन राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।





