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बिहार सरकार की नई कृषि निवेश नीति: मखाना, शहद और फलों- सब्जियों के प्रसंस्करण उद्योगों पर 5 करोड़ तक अनुदान

बिहार सरकार की नई कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत मखाना, शहद, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण समेत अन्य कृषि उद्योगों को 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक अनुदान मिलेगा। महिला और विशेष वर्ग के निवेशकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए अनुदान देने का फैसला किया है। नई नीति का उद्देश्य कृषि को केवल खेती तक सीमित न रखकर इसे उद्योग और रोजगार से जोड़ना है।


इस नीति के तहत मखाना, शहद, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, मक्का, बीज, औषधीय और सुगंधित पौधे तथा चाय से जुड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। न्यूनतम 25 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं इस अनुदान के दायरे में आएंगी। इसका लाभ व्यक्तिगत निवेशक के साथ-साथ प्रोप्राइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, एलएलपी और किसान उत्पादक कंपनी (FPC) भी ले सकेंगी।


नीति के तहत दी जाने वाली पूंजीगत सब्सिडी पूर्णत: ऋण आधारित होगी, और परियोजना लागत का कम से कम 20 प्रतिशत मियादी ऋण बैंक या वित्तीय संस्थान से लेना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे निवेश की गंभीरता बनी रहेगी और योजनाएं कागजों से जमीन पर उतरेंगी।


सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के निवेशकों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान मिलेगा। वहीं महिला उद्यमी, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवाएं, दिव्यांग और तृतीय लिंग के निवेशकों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का लाभ मिलेगा।


आवेदन करने वाले निवेशक के पास परियोजना भूमि का स्वामित्व होना चाहिए या कम से कम 30 वर्षों के पंजीकृत पट्टा अनुबंध की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनुमति सक्षम प्राधिकारी से लेना अनिवार्य होगा, जिससे औद्योगिक निवेश में कानूनी स्पष्टता बनी रहेगी।


बिहार पहले से ही मखाना और शहद में मजबूत पहचान रखता है। इस नीति से किसानों को बेहतर दाम, स्थानीय रोजगार के अवसर और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही, यह योजना बिहार के कृषि क्षेत्र को मूल्यवर्धन और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता