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Bihar Traffic News : अब थाने में नहीं अटकेगी दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी! 24 घंटे में नहीं मिली तो सीधे मुख्यालय में करें शिकायत

बिहार में सड़क हादसों को लेकर बड़ा फैसला। अब दुर्घटनाग्रस्त वाहन 24 घंटे में लौटाना होगा, वरना सीधे पुलिस मुख्यालय में शिकायत की जा सकेगी। साथ ही घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज।

Bihar Traffic News
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Tejpratap
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Bihar Traffic News : बिहार में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में वाहन मालिकों को राहत देने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी सड़क हादसे में जब्त या दुर्घटनाग्रस्त वाहन को थाना पुलिस को 24 घंटे के भीतर उसके मालिक को सौंपना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा के अंदर वाहन वापस नहीं किया जाता है, तो वाहन मालिक सीधे पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9031829356 जारी किया है।


यह जानकारी एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों के एसपी और यातायात डीएसपी को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय स्तर पर लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि थाना स्तर पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को छोड़ने में अनावश्यक देरी की जा रही थी, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसी को देखते हुए नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की गई है।


कंट्रोल रूम करेगा निगरानी

एडीजी ने बताया कि अब दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की रिहाई की पूरी प्रक्रिया की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। यदि किसी थाने में वाहन रिलीज करने में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य है कि दुर्घटना के बाद वाहन मालिकों को अनावश्यक दौड़भाग और भ्रष्टाचार का सामना न करना पड़े।


सड़क दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख तक मुफ्त इलाज

प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी सुधांशु कुमार ने प्रधानमंत्री राहत योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को मान्यता प्राप्त अस्पताल में भर्ती कराया जाए। योजना के तहत सात दिनों तक का इलाज मुफ्त होगा।


उन्होंने बताया कि किसी भी सड़क हादसे की स्थिति में लोग तुरंत डायल-112 पर कॉल कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित थाना पुलिस को ई-डार पोर्टल पर दुर्घटना की जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही थाना स्तर पर 24 घंटे के भीतर मामले का सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है।


लंबित ई-चालान पर सरकार की सख्ती

इसी दौरान एडीजी यातायात ने लंबित ई-चालान को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में ढाई लाख से अधिक ई-चालान लंबित हैं। इनके निष्पादन के लिए शनिवार को सभी जिलों में लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वाहन चालकों को 50 प्रतिशत तक राहत भी दी जाएगी।


उन्होंने कहा कि 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों का विशेष रूप से निपटारा किया जाएगा। यह एकमुश्त निपटान योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 तक लागू रहेगी। अगर वाहन मालिक समय पर चालान जमा नहीं करते हैं, तो उनके ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन को निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।


लोगों को मिलेगी राहत

पुलिस मुख्यालय के इस नए फैसले से सड़क दुर्घटना के बाद परेशान होने वाले वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही मुफ्त इलाज योजना और ई-चालान निपटान अभियान से भी आम लोगों को फायदा पहुंचेगा। बिहार पुलिस का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को पारदर्शी और जनता के लिए सुविधाजनक बनाना है।