Vijay Kumar Sinha : बिहार के नगर निकायों में जमीन माफिया पर कसेगी नकेल, विजय सिन्हा का एलान; इनलोगों की भी बढ़ेगी मुश्किलें

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के 264 नगर निकायों में सरकारी जमीन कब्जाने वाले माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी कंपनियों के एकाधिकार को खत्म करने का फैसला लिया गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 02:31:54 PM IST

Vijay Kumar Sinha : बिहार के नगर निकायों में जमीन माफिया पर कसेगी नकेल, विजय सिन्हा का एलान; इनलोगों की भी बढ़ेगी मुश्किलें

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Vijay Kumar Sinha : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी 264 नगर निकायों में सक्रिय सरकारी जमीन कब्जाने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम कर रही बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों के एकाधिकार को समाप्त कर छोटी-छोटी कंपनियों, एनजीओ और नॉन-प्रॉफिट संगठनों को अवसर देने का भी स्पष्ट निर्देश दिया है।


स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई नगर निगम और नगर निकायों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि माफिया तत्व बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं। ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।


जमीन माफियाओं की होगी पहचान, चलेगा अभियान

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी जमीन की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। नगर निकायों में सक्रिय ऐसे माफिया न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा बन रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों में सरकारी जमीन की सूची तैयार कर अवैध कब्जों को चिह्नित किया जाए और चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी कंपनियों का एकाधिकार खत्म

उपमुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम कर रही बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों के वर्चस्व पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ बड़ी कंपनियों का एकाधिकार बना हुआ है, जिससे न तो प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और न ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल पा रहे हैं।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर निकायों द्वारा जारी किए जाने वाले सभी टेंडरों में छोटी कंपनियों, एनजीओ और नॉन-प्रॉफिट संगठनों को भी समान अवसर दिया जाए। इससे न केवल स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।


आउटसोर्सिंग कंपनियों का ब्योरा तलब

डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य के सभी नगर निकायों से वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनियों का पूरा ब्योरा तलब किया गया है। इन कंपनियों के कामकाज, लागत और प्रभावशीलता की समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अनुबंध की शर्तों में बदलाव भी किया जाएगा, ताकि स्वच्छता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।


अन्य राज्यों के स्वच्छता मॉडल का होगा अध्ययन

बिहार में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भाजपा शासित राज्यों के सफल स्वच्छता मॉडलों का अध्ययन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के स्वच्छता मॉडल का विस्तृत अध्ययन करने का निर्देश दिया है।


उन्होंने कहा कि इन राज्यों में अपनाए गए नवाचार, तकनीकी उपाय और प्रबंधन मॉडल में से जो बिहार के लिए उपयोगी होंगे, उन्हें यहां लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी और आधुनिक शहरी स्वच्छता प्रणाली विकसित करना है।


वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, मनोज कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई और आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर चर्चा की गई।


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य बिहार के नगर निकायों को स्वच्छ, पारदर्शी और माफिया मुक्त बनाना है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्णय लिए जाएंगे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।