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भोजपुर से पैदल बंगाल के लिए निकले प्रवासी मजदूर, पटना में फर्स्ट बिहार की टीम को सुनाया अपना दुखड़ा

PATNA : बिहार में रोजाना हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर बाहर के राज्यों से पहुंच रहे हैं तो इधर बिहार में मौजूद दूसरे राज्यों को मजदूर भी पलायन कर रहे हैं। लेकिन मजद

FirstBihar
Anurag Goel
3 मिनट

PATNA : बिहार में रोजाना हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर  बाहर के राज्यों से पहुंच रहे हैं तो इधर बिहार में मौजूद दूसरे राज्यों को मजदूर भी पलायन कर रहे हैं। लेकिन मजदूरों को कोई रास्ता नहीं दिख रहा। नतीजतन वे पैदल ही निकल पड़े हैं। भोजपुर से दर्जनों मजदूर का एक जत्था बंगाल के लिए पैदल ही निकल पड़ा है। 


पटना के बाईपास इलाके की ओर जाने पर आपको सड़क पर मजदूर दिख जाएंगे। ये मजदूर अपने-अपने घरों की ओर पैदल ही निकल पड़े हैं। कोरोना संकट के बीच मन में तरह-तरह की भावनाएं उमड़-घुमड़ रही हैं। रोजी-रोजगार का संकट सामने दिख रहा है। सैकड़ों की संख्या में मजदूर रोजाना पैदल ही पलायन कर रहा है। ऐसा ही एक मजदूरों का जत्था हमारे फर्स्ट बिहार संवाददाता आर्यन आनंद को मिला जो भोजपुर से चला था। ये सभी मजदूर भोजपुर से बंगाल की ओर निकले हैं। ये सभी मजदूर बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं।


संवाददाता आर्यन आनंद ने जब उनसे पूछा कि इतनी लंबी दूरी कैसे तय करेंगे तो मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन में रोजी-रोजगार छिन गया है। पिछले लगभग दो महीने से किसी तरह दिन काट रहे थे अब तो भोजन पर भी आफत आ गया है। मरता क्या न करता मजबूरी है घर जाएंगे तो किसी तरह रह लेंगे लेकिन यहां तो अब दिन काटना भी मुश्किल है। संवाददाता ने जब उनसे पूछा कि प्रशासन से उन्हे कोई मदद मिली या नहीं तो मजदूरों ने ना में सिर हिला दिया उन्हें कैसे मदद लेनी है इसकी जानकारी तक नहीं थी। मजदूरों ने कहा कि उन्हें सरकार के तरफ से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।


बता दें कि बिहार से भी बाहर के राज्यों के मजदूर तेजी से पलायन कर रहे हैं लेकिन बिहार से इन मजदूरों को भेजे जाने की कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है। खासकर पड़ोसी राज्यों यथा यूपी, एमपी, झारखंड, ओडिशा और बंगाल के मजदूर बिहार में काम कर रहे हैं ऐसे में इन मजदूरों को नहीं सूझ रहा कि आखिर वे लॉकडाउन के बीच घर नहीं जाए तो करें तो क्या करें।  


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Aryan Anand

FirstBihar संवाददाता

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