ब्रेकिंग
UP Election 2027: 'अकेले BJP को नहीं रोक सकते, साथ आओ', ओवैसी ने विपक्षी दलों को दिया गठबंधन का ऑफरफर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर: सरकारी स्कूल में बार-बालाओं के डांस पर कार्रवाई, प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड, आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज'मटन खाकर बटन खोलें' भोजपुरी के अश्लील गाने पर मुखिया पति का बार-डांसरों के साथ वीडियो वायरल, नोट बांटते आपत्तिजनक अंदाज में दिखेBIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51UP Election 2027: 'अकेले BJP को नहीं रोक सकते, साथ आओ', ओवैसी ने विपक्षी दलों को दिया गठबंधन का ऑफरफर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर: सरकारी स्कूल में बार-बालाओं के डांस पर कार्रवाई, प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड, आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज'मटन खाकर बटन खोलें' भोजपुरी के अश्लील गाने पर मुखिया पति का बार-डांसरों के साथ वीडियो वायरल, नोट बांटते आपत्तिजनक अंदाज में दिखेBIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51

Bharat Tiwari Encounter : पुलिस ने सही से हैंडल नहीं किया...ADG ने मानी गलती, एनकाउंटर मामले में 2 केस दर्ज..DIG को मिला जांच का जिम्मा

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद डीआईजी को सौंपी है। मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि लापरवाही के आरोप में SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

Bharat Tiwari Encounter : पुलिस ने सही से  हैंडल नहीं किया...ADG ने मानी गलती, एनकाउंटर मामले में 2 केस दर्ज..DIG को मिला जांच का जिम्मा
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bharat Tiwari Encounter : भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में बिहार सरकार ने जांच की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने  प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी।


उन्होंने बताया कि जांच के दौरान फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) सहित अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस मुख्यालय इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है।


एडीजी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले ही इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके तहत एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसमें उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया गया है। आयोग पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।


सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर संख्या 169/26 और दूसरी एफआईआर संख्या 170/26 है। दोनों मामलों में घटनाक्रम से जुड़ी तमाम बातें विस्तार से दर्ज की गई हैं और पुलिस उन्हीं बिंदुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।


उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आई है। विशेष रूप से 16 जून को जब पहली बार पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब आरोपित को नियंत्रित करने में लापरवाही बरती गई। समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति बिगड़ी और बाद में उससे जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानाध्यक्ष समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


एडीजी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।


भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर राज्य में लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों ही स्तरों पर मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और न्यायिक आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।