Bihar news update : पटना में शहरी यातायात को सुगम बनाने और उत्तर–दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक और बड़ी सड़क परियोजना तेजी से आकार ले रही है। राजधानी में विकसित हो रहे जेपी गंगा पथ की तर्ज पर भद्रघाट से दीदारगंज तक बनने वाली फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य लगभग 35 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार इस 8.5 किलोमीटर लंबी सड़क को दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि जनवरी से इस मार्ग पर आवागमन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
यह परियोजना 158.40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य पटना सिटी क्षेत्र में यातायात दबाव को कम करते हुए एक वैकल्पिक तेज मार्ग उपलब्ध कराना है। विभागीय जानकारी के मुताबिक जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध हो रही है, उसी के अनुसार निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से गंगा किनारे चित्रगुप्त घाट से कंगन घाट तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई है, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली है।
यह फोरलेन सड़क भद्रघाट क्षेत्र से शुरू होकर दीदारगंज तक जाएगी और आगे चलकर यह उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा माने जाने वाले कच्ची दरगाह–बिदुपुर छह लेन पुल से भी जुड़ जाएगी। कच्ची दरगाह–बिदुपुर छह लेन पुल के चालू होने के बाद यह पूरा रूट एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में विकसित हो जाएगा। इसके जुड़ने से पटना सिटी से समस्तीपुर जैसे जिलों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी और अनुमान है कि यात्रा समय लगभग तीन घंटे से घटकर एक घंटे तक रह जाएगा।
इस पूरे नेटवर्क के बनने से राजधानी पटना पर पड़ने वाला यातायात दबाव भी काफी कम होगा। खासकर गांधी सेतु और जेपी सेतु पर ट्रैफिक का बोझ घटेगा। गांधी सेतु और जेपी सेतु जैसे प्रमुख पुलों पर वाहनों की लंबी कतारों की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही पटना सिटी के लोगों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे आवागमन अधिक सुगम और तेज होगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से भी यह सड़क महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषकर तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें अब जाम वाले भीतरी मार्गों से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह सड़क उनके लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी।
इसके अलावा यह फोरलेन सड़क मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। पटना सिटी के प्रसिद्ध मारूफगंज मंडी तक पहुंचने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को अब शहर के संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वे सीधे फोरलेन मार्ग से मंडी तक पहुंच सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि शहर के अंदर लगने वाले जाम में भी भारी कमी आएगी।
परियोजना के तहत लगभग 2.25 किलोमीटर का हिस्सा ग्रीन फील्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है। गंगा किनारे स्थित भद्रघाट और दीदारगंज क्षेत्र में यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा। विशेषकर छठ महापर्व और अन्य धार्मिक अवसरों पर गंगा घाटों तक पहुंचने में लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। भीड़भाड़ की स्थिति में भी लोग आसानी से घाटों तक पहुंच सकेंगे।
कुल मिलाकर यह परियोजना न केवल पटना की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक संपर्क को भी मजबूत करेगी। दिसंबर तक इसके पूरा होने के बाद यह सड़क राजधानी की नई लाइफलाइन के रूप में उभर सकती है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।





