ब्रेकिंग
JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशJDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देश

बिहार के 52 बीएड कॉलेजों की मान्यता हो सकती है रद्द!

PATNA : बिहार के 52 बीएड कॉलेजों की मान्यता पर तलवार लटकी है. एनसीटीई ने राज्य के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता बहला रखने के लिए मानकों पर दो चरण का आकलन कर लिया है. फरवरी

FirstBihar
Anamika
1 मिनट

PATNA : बिहार के 52 बीएड कॉलेजों की मान्यता पर तलवार लटकी है. एनसीटीई ने राज्य के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता बहला रखने के लिए मानकों पर दो चरण का आकलन कर लिया है. फरवरी के तीसरे सप्ताह में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सभी कॉलेजों की मान्यता रद्द हो सकती है. 

बता दें पटना यूनिवर्सिटी के एमएड कोर्स सहित राज्य के पांच बीएड कॉलेजों की मान्यता पहले ही रद्द की जा चुकी है. एनसीटीई अधिकारियों के अनुसार अबतर राज्य में 52 से ज्यादा बीएड और डीएलएड कॉलेज मानकों के अनुरूप नहीं मिले हैं. 

वहीं बिहार के सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों में सत्र 2020-22 में नामांकन के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. नामांकन प्रक्रिया में उन्हीं कॉलेजों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास इस सत्र के लिए एनसीटीई से मान्यता या यूनिवर्सिटी से संबद्धता होगी.