1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2025, 10:39:57 PM
कफ सिरप बरामद - फ़ोटो GOOGLE
PATNA: बिहार में करीब 9 साल से पूर्ण शराबबंदी है। ना कोई शराब पी सकता है ना ही कोई बेच सकता है। लेकिन इसके बावजूद आए दिन शराब तस्कर पकड़े जा रहे हैं जो शराब के अवैध धंधे में लगे रहते हैं। वही दूसरे राज्यों से लाई जा रही शराब भी जब्त की जा रही है। वही होली में खपाने के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप भी बिहार में लाया जा रहा है जिसे लोग नशे के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
दारू की जगह कफ सिरप को लोग वैकल्पिक नशा के रूप में पीते हैं। इस बार पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर से बड़ी मात्रा में कफ सिरफ पकड़ा गया है। ड्रग विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 मार्च सोमवार को 26 लाख रुपए मूल्य का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है। ड्रग विभाग को इस बात की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्कर को धर दबोचा और कफ सिरप की बड़ी खेप को जब्त किया।
बरामद प्रतिबंधित कफ सिरप कोविड फास्फेट को होली में बेचने के लिए पटना लाया गया था। ड्रग विभाग की टीम ने जिस ट्रक को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा उसमें 163 कार्टन में रखी 16,300 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप थी। जिसे जब्त कर लिया गया है। वही एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है लेकिन ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी सानीबार के रूप में हुई है।
बता दें कि जब से बिहार में शराबबंदी हुई तब से कफ सिरप पीने वालों की संख्या बढ़ी है। यही कारण है कि लाखों रूपये की कफ सिरप आए दिन पकड़े जा रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कफ सिरप का इस्तेमाल शराब के विकल्प के रूप में लोग करने लगे हैं। इसलिए इसकी तस्करी भी तेजी से बढ़ गयी है। यह खासकर युवाओं में लोकप्रिय हो रहा है।
यदि कोई शराब पी ले ब्रेथ एनालाइजर में इसकी पुष्टि हो जाएगी लेकिन यदि कोई कफ सिरप पी लेता है तो इसे ब्रेथ एनालाइजर भी रीडिंग नहीं कर पाता है। जिसके कारण नशा करने की पुष्टि नहीं हो पाती और नशेड़ी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाते। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ कर रही है उससे यह पता लगा रही है इतनी बड़ी खेप कहां से लाया गया था और इसे किसे डिलिवरी करना था।