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बाहर फंसे बिहारियों की वापसी का बिहार सरकार नहीं करेगी इंतजाम, सुशील मोदी बोले- हमारे पास नहीं है संसाधन

PATNA : कोरोना संकट के बीच बिहार से बाहर फंसे लोगों को वापस लाने के मामले को केंद्र सरकार के मत्थे मढ रही नीतीश सरकार ने अब हाथ खडे कर दिये हैं. केंद्र सरकार ने आज लॉकडाउन के

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PATNA : कोरोना संकट के बीच बिहार से बाहर फंसे लोगों को वापस लाने के मामले को केंद्र सरकार के मत्थे मढ रही नीतीश सरकार ने अब हाथ खडे कर दिये हैं. केंद्र सरकार ने आज लॉकडाउन के कारण फंसे लोगों की वापसी की मंजूरी दे ही. अब बिहार सरकार कह रही है कि हमारे पास इतनी व्यवस्था नहीं कि अपने लोगों को वापस बुला सकें. बिहार के डिप्टी सीएम कह रहे हैं कि दूसरे राज्यों में फंसे बिहारियों को वापस लाने की जिम्मेवारी उन्हीं राज्यों की है जहां लोग फंसे हैं.


डिप्टी सीएम सुशील मोदी का बयान
दरअसल केंद्र सरकार ने आज जब लॉकडाउन में फंसे लोगों के आवागमन की अनुमति दे दी तो सुशील मोदी मीडिया के सामने आये. सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार की मांग को मान लिया है इसलिए केंद्र सरकार को धन्यवाद. मीडिया ने पूछा तो क्या अब राज्य सरकार बाहर फंसे अपने लोगों को वापस लाने का इंतजाम करेगी.


सुशील मोदी बोले -
“देखिये रेल चलाने की अनुमति तो दी नहीं है भारत सरकार ने. इसलिए बसों से ही लोग आयेंगे. हमारे पास कहां इतनी बसें हैं कि इतने राज्यों में लोग फंसे हैं जिन्हें लाया जा सके. जो लोग जहां से आयेंगे वहां की राज्य सरकारें उसकी व्यवस्था करेंगी. फिर राज्य सरकारों के बीच सहमति बनेगी. जिन राज्यों से लोग आने वाले हैं उन्हीं राज्यों के लोग व्यवस्था करेंगे. चूंकि वहां के लोग भी चाहते हैं कि लोग अपने घर वापस चले जायें.”


जाहिर है बिहार के उप मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बिहार के बाहर फंसे बिहारियों को वापस लाना नीतीश सरकार का काम नहीं बल्कि उन राज्यों का दायित्व है जहां लोग फंसे हैं. बिहार सरकार बाहर से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था कर सकती है.


सुशील मोदी ने कहा “हम लोग इंतजार कर रहे हैं केंद्र सरकार के दिशा निर्देश का. हम अपनी सीमा पर आने वाले लोगों की स्क्रिनिंग की व्यवस्था करेंगे.उसमें जो लोग संक्रमित लगेंगे उनकी और जांच पड़ताल करना और इलाज की व्यवस्था करना, ये सब हम करेंगे. जो गाइडलाइंस है भारत सरकार की उसी गाइडलाइंस के अनुरूप ही हमलोग कोई निर्णय लेंगे.” वैसे सुशील मोदी ने कहा कि  किन राज्यों में कितने लोग फंसे हैं. कौन लोग आना चाहते हैं. मुख्य सचिव इस पर बैठक कर रहे हैं. उसके बाद रणनीति तैयार की जायेगी.


उधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी एक छोटा बयान जारी कर केंद्र सरकार को धन्यवाद दे दिया. उन्होंने भी ये नहीं बताया कि बिहार सरकार अपने छात्रों और मजदूरों को वापस लाने का क्या इंतजाम करने जा रही है. गौरतलब है कि बिहार को छोड़ देश के लगभग सभी राज्यों ने अपनी बसें भेजकर कोटा में फंसे अपने बच्चों को वापस बुला लिया है. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी बसें भेजकर दूसरे राज्यों में फंसे अपने मजदूरों को भी वापल लाने का काम शुरू कर दिया है.

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