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BIHAR NEWS : मोकामा की हॉट सीट पर अनंत सिंह के तीन बेटों में से कौन बनेगा विधायक? कहा -दूकान से खरीदने की चीज़ नहीं जो ....

मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने आगामी चुनावों में खुद नहीं लड़ने का ऐलान किया है। अब सवाल यह है कि उनके तीन बेटों में से कौन जनता की सेवा और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ेगा।

BIHAR NEWS : मोकामा की हॉट सीट पर अनंत सिंह के तीन बेटों में से कौन बनेगा विधायक? कहा -दूकान से खरीदने की चीज़ नहीं जो ....
Tejpratap
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BIHAR NEWS : मोकामा विधानसभा सीट की राजनीति अब एक नई दिशा लेने वाली है। जदयू विधायक अनंत सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे आगामी चुनावों में अपने लिए मैदान नहीं संभालेंगे। उनके इस फैसले के साथ ही इलाके में यह सवाल उठने लगा है कि अब मोकामा की हॉट सीट पर किसकी किस्मत चमकेगी। अनंत सिंह ने अपने चुनाव न लड़ने के ऐलान के वक्त यह भी कहा था कि आगे उनके बेटों में से ही कोई चुनावी रण में उतरेगा।


अनंत सिंह के तीन बेटे हैं, और यह तय करना अब परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण है कि जनता की सेवा करने वाला बेटा ही आगे बढ़े। जब उनसे इस बाबत सवाल किया गया कि क्या अब नीतीश कुमार के बेटे की तरह वे भी अपने बेटे को चुनाव लड़वाएंगे, तो अनंत सिंह ने बड़ी समझदारी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव किसी परिवार की चीज नहीं है, बल्कि जनता की सेवा करने वाले को ही मौका मिलेगा।


अनंत सिंह ने स्पष्ट किया, “हमको तीन बेटे हैं। तीनों को हम जांचेंगे कि जनता किसे चाहती है और जनता का रुझान क्या है। कौन जनता की सेवा में जाता है। चुनाव कोई दुकान से लाने की चीज नहीं है कि हम लाकर दे देंगे। मेहनत करना पड़ेगा। जनता की सेवा करनी होगी। काम करना होगा। जो बढ़िया करेगा वही मोकामा का विधायक बनेगा।”


मोकामा विधानसभा सीट हमेशा से ही बिहार की राजनीति में हॉट सीट मानी जाती रही है। यहां के मतदाता जागरूक हैं और हर बार चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अनंत सिंह का यह कहना कि बेटों को जनता की पसंद और सेवा के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा, इलाके में संतुलन और उत्सुकता दोनों बनाए रखता है।


अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक नजरिए पर भी प्रकाश डाला। जब उनसे पूछा गया कि नीतीश कुमार अब दिल्ली जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “हां, वो तो जा रहे हैं। दिल्ली कोई विदेश थोड़े नहीं है। दिन भर में चार बार आदमी दिल्ली से आना-जाना करता है। राजनीति में एक्टिव होना जरूरी है, तभी असर दिखेगा।”


उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे निशांत को राजनीति में सक्रिय होना जरूरी था। उनका मानना है कि योग्य और मेहनती नेता ही आगे बढ़े और जनता की सेवा करे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी को पद सिर्फ परिवार या स्थिति के आधार पर नहीं दिया जाएगा।


मोकामा के लोग अब बेसब्री से यह देखने को इंतजार कर रहे हैं कि अनंत सिंह अपने तीनों बेटों में से किसे आगे बढ़ाएंगे। क्या जनता की सेवा और मेहनत के आधार पर चुनावी रण में कोई बेटा उतरेगा, या फिर राजनीतिक रणनीति कुछ और ही तय करेगी।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह के फैसले से मोकामा की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। यह सीट हमेशा से ही जमीनी स्तर पर मजबूत मतदाता धारणा के लिए जानी जाती रही है। इसलिए यहां का चुनाव केवल परिवारवाद या जातिगत समीकरण से नहीं, बल्कि सेवा और जनता के साथ संपर्क से तय होगा।


अनंत सिंह के बयान से स्पष्ट होता है कि अब राजनीति में उनके बेटों को अपनी मेहनत और जनता से जुड़ाव साबित करना होगा। कोई भी उम्मीदवार सिर्फ नाम के बल पर आगे नहीं बढ़ सकता। मोकामा की जनता अब अपनी पसंद से तय करेगी कि अनंत सिंह के तीन बेटों में से कौन आगे बढ़ेगा और इस सीट पर अगले पांच साल के लिए विधायक बनेगा। इस राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए, मोकामा विधानसभा का अगला चुनाव न सिर्फ स्थानीय राजनीति बल्कि राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।