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MLC Election Bihar : अनंत ने जिसे समर्थन दिया, उसी के नाम पर ‘होल्ड’! पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के खिलाफ कौन होगा चेहरा?

पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह और नीरज कुमार की सियासी अदावत ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनंत सिंह डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में हैं। अब नजर इस बात पर है कि अनुज के नाम और जन सुराज की रणनीति से चुनावी समीकरण कितना बदलता है।

MLC Election Bihar
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Tejpratap
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6 मिनट

पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह, मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार और डॉ. अनुज सिंह को लेकर है। दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह खुलकर जिस डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं, उनका नाम संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में तो है, लेकिन पार्टी की तरफ से अंतिम ऐलान से पहले इस नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

अनंत सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि पटना स्नातक सीट पर वह नीरज कुमार के साथ नहीं हैं। उन्होंने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है और दावा किया है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के पक्ष में काम करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अनंत सिंह ने नीरज कुमार को चुनाव में हराने की बात भी सार्वजनिक रूप से कही है।

अनंत की बगावत ने बढ़ाया सस्पेंस

पटना स्नातक सीट पर असली पेच यहीं से शुरू होता है। नीरज कुमार JDU से जुड़े प्रमुख नेताओं में हैं और इस सीट पर उनका लंबा राजनीतिक रिकॉर्ड रहा है। दूसरी तरफ JDU के ही विधायक अनंत सिंह का खुलकर उनके विरोध में उतरना पार्टी के अंदर की खींचतान को चुनावी मैदान तक ले आया है।

अनंत सिंह का समर्थन डॉ. अनुज सिंह को मिलने के बाद सवाल उठने लगा कि क्या अनुज सिंह ही पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के सामने मैदान में उतरेंगे? फिलहाल इस सवाल का अंतिम जवाब पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मिलेगा। 19 सितंबर को प्रशांत किशोर ने भी कहा था कि जन सुराज के उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक रूप से पार्टी तय करेगी और अनंत सिंह क्या करते हैं, यह पार्टी के लिए निर्णायक विषय नहीं है।

अनुज सिंह के नाम ने क्यों पकड़ी रफ्तार?

डॉ. अनुज सिंह पहले भी जन सुराज से जुड़े रहे हैं और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नवादा से जन सुराज के समर्थित उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। वह शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं। अनंत सिंह के समर्थन के बाद उनका नाम अचानक पटना स्नातक सीट की चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गया।

यानी एक तरफ नीरज कुमार का संगठन और पुराना चुनावी अनुभव है, तो दूसरी तरफ अनुज सिंह के पक्ष में अनंत सिंह का खुला समर्थन। यही समीकरण पटना स्नातक सीट को बिहार के मौजूदा विधान परिषद चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल कर रहा है।

जन सुराज का दावा- घंटों मंथन के बाद तय होते हैं नाम

इधर जन सुराज भी उम्मीदवार चयन को लेकर अपनी प्रक्रिया को लेकर लगातार जानकारी दे रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि विधान परिषद की आठ सीटों के लिए स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से लगातार राय ली गई। संभावित उम्मीदवारों को बुलाकर उनसे सवाल-जवाब किए गए और इसके बाद सभी नामों पर कोर कमिटी में चर्चा हुई।

मनोज भारती के मुताबिक किसी एक उम्मीदवार के नाम पर कोर कमिटी के सदस्यों ने करीब पांच घंटे तक चर्चा की। इसके बाद उम्मीदवार का चयन किया गया। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में स्थानीय फीडबैक और संगठन की राय को महत्व दिया गया है।

नीरज के सामने सिर्फ विरोध नहीं, बहुकोणीय मुकाबले का सवाल

पटना स्नातक सीट का समीकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां मुकाबला केवल अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार तक सीमित नहीं रह सकता। RJD ने पटना स्नातक सीट से दिलीप कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। ऐसे में डॉ. अनुज सिंह का नाम अगर अंतिम रूप से सामने आता है तो चुनावी मुकाबले में एक और महत्वपूर्ण चेहरा जुड़ जाएगा।

हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि विधान परिषद की स्नातक सीट का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। यहां पात्र स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए किसी विधानसभा क्षेत्र में किसी नेता का प्रभाव सीधे उसी अनुपात में स्नातक मतदाताओं के वोट में बदल जाएगा, ऐसा मान लेना सही नहीं होगा।

अब नजर पार्टी के अंतिम फैसले पर

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह के समर्थन वाले डॉ. अनुज सिंह का नाम अंतिम सूची में आता है या पार्टी किसी दूसरे चेहरे पर भरोसा करती है। प्रशांत किशोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उम्मीदवार चयन का अंतिम निर्णय जन सुराज का होगा।

ऐसे में पटना स्नातक सीट पर एक तरफ नीरज कुमार के सामने JDU के भीतर से ही खुली चुनौती दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ अनुज सिंह के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अगर अनंत सिंह का समर्थन और जन सुराज का आधिकारिक टिकट एक ही जगह आ जाता है, तो इस सीट की लड़ाई का राजनीतिक समीकरण और चर्चा दोनों बदल सकते हैं। फिलहाल अनंत सिंह ने अपना पत्ता खोल दिया है, लेकिन अनुज सिंह के नाम पर पार्टी की अंतिम मुहर का इंतजार है। यही इंतजार पटना स्नातक सीट के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है।