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Congress notice : 24 अकबर रोड पर ताला? कांग्रेस को इस दिन तक ऑफिस खाली करने का नोटिस, पढ़िए क्या है पूरी खबर

24 अकबर रोड कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय है, जिसे पार्टी 1978 से इस्तेमाल कर रही है। यह लुटियंस दिल्ली का हिस्सा है और कांग्रेस की सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकें और निर्णय यहीं होते रहे हैं।

Congress notice : 24 अकबर रोड पर ताला? कांग्रेस को इस दिन तक ऑफिस खाली करने का नोटिस, पढ़िए क्या है पूरी खबर
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

 Congress notice : देश की राजनीतिक गलियों में एक बार फिर हलचल मची हुई है। एस्टेट विभाग ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) को 24 अकबर रोड स्थित अपने ऐतिहासिक मुख्यालय और भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) को 05 रायसीना रोड स्थित कार्यालय 28 मार्च 2026 तक खाली करने का नोटिस दिया है। यह फैसला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है।


इतिहास और महत्व

24 अकबर रोड कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय है और पार्टी इसे 1978 से इस्तेमाल कर रही है। यह लुटियंस दिल्ली क्षेत्र का हिस्सा है और यहां कांग्रेस की सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां, बैठकें और फैसले होते रहे हैं। जनवरी 2025 में कांग्रेस ने कोटला मार्ग पर इंदिरा गांधी भवन में अपना नया मुख्यालय शिफ्ट कर लिया था, लेकिन 24 अकबर रोड का पता अपनी राजनीतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान के कारण बनाए रखना चाहती थी।


पिछले करीब 48 सालों से 24 अकबर रोड कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। साल 1978 में जब पार्टी का पुनर्गठन हुआ और इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से संगठित हुई, तब से यह पता पार्टी के लिए विशेष महत्व रखता है। पार्टी ने पहले भी कई बार सरकारी नोटिस का सामना किया है, लेकिन अलग-अलग कारणों से इसे बनाए रखा गया।


नोटिस का कारण

एस्टेट विभाग ने स्पष्ट किया है कि 24 अकबर रोड और 05 रायसीना रोड वाले कार्यालय को खाली करने का आदेश दिया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि चाहे कांग्रेस बाजार दर के हिसाब से किराया चुकाती रही हो, इसके बावजूद कार्यालय खाली करना अनिवार्य है। सरकार के इस फैसले के पीछे संपत्ति नीति और लुटियंस जोन में सरकारी नियमों का पालन कराना प्रमुख कारण बताया जा रहा है।


राजनीतिक और कानूनी लड़ाई

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि 24 अकबर रोड का पता सिर्फ एक भवन नहीं बल्कि पार्टी की विरासत का प्रतीक है। नोटिस मिलने के बाद पार्टी कानूनी विकल्पों और राजनीतिक रणनीति दोनों पर काम कर रही है। कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि कांग्रेस इस मामले में कई तरह के न्यायिक कदम उठा सकती है।


इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है। लुटियंस दिल्ली में कांग्रेस की मौजूदगी खत्म होने का मतलब सिर्फ एक कार्यालय खोना नहीं, बल्कि पार्टी के लिए प्रतिष्ठा और राजनीतिक पहचान पर भी असर डाल सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस विषय पर अब बैठक कर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।


युवा कांग्रेस का मामला

युवा कांग्रेस को भी 05 रायसीना रोड से 28 मार्च तक कार्यालय खाली करने का आदेश मिला है। युवा कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि यह संगठन नई पीढ़ी को राजनीतिक मंच उपलब्ध कराने और विभिन्न गतिविधियों के लिए इसी कार्यालय पर निर्भर था।


अगले कदम

कांग्रेस ने पहले भी कई बार सरकारी नोटिस के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 28 मार्च तक का समय काफी कम है, लेकिन पार्टी कानूनी विकल्पों और प्रशासनिक मार्ग पर काम कर रही है। साथ ही, राजनीतिक दबाव बनाने के लिए भी हाई-प्रोफाइल बयान और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है।


24 अकबर रोड कांग्रेस की विरासत का प्रतीक है और यह फैसला पार्टी के लिए बड़े राजनीतिक और भावनात्मक प्रभाव वाला साबित हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस इस ऐतिहासिक मुख्यालय को बचाने में कितनी सफल होती है और 28 मार्च के बाद इस बहस का क्या परिणाम निकलता है।