Patna Parks: राजधानी पटना में लोगों को बेहतर ग्रीन एरिया और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) तीन नए आधुनिक पार्क विकसित करेगा। ये पार्क मीठापुर, किदवईपुरी और पाटलिपुत्र क्षेत्र में बनाए जाएंगे। तीनों पार्कों के निर्माण पर कुल 4.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बुडको ने इन तीनों परियोजनाओं की योजना तैयार कर ली है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। पार्कों के बनने से स्थानीय लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और आसपास के क्षेत्रों की खूबसूरती भी बढ़ेगी।
मीठापुर में बनेगा पहला आधुनिक पार्क
तीनों प्रस्तावित पार्कों में सबसे बड़ा पार्क मीठापुर में पुराने बस स्टैंड के सामने न्यू बाइपास के दक्षिणी हिस्से में विकसित किया जाएगा। करीब 138 मीटर लंबे और 27 मीटर चौड़े इस पार्क के निर्माण पर लगभग 1.85 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दक्षिणी पटना के इस पहले आधुनिक पार्क में लोगों को कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। पार्क में तालाब, सेल्फी प्वाइंट, ओपन जिम, योगा शेड, बच्चों के लिए प्ले एरिया, शौचालय और वॉकिंग पाथ बनाया जाएगा। इसके अलावा पार्क परिसर में हाई मास्ट लाइट, आकर्षक पेंटिंग और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे यह क्षेत्र सुंदर और व्यवस्थित नजर आएगा।
किदवईपुरी पार्क का होगा कायाकल्प
वार्ड-25 स्थित ठाकुर प्रसाद सामुदायिक भवन के पास आदर्श कॉलोनी में स्थित किदवईपुरी पार्क का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। करीब 36 मीटर लंबे और 32 मीटर चौड़े इस पार्क के विकास पर 1.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पार्क में वाटर फाउंटेन, योगा शेड, पाथ-वे, हाई मास्ट लाइट, बच्चों के खेलने के उपकरण और मिथिला पेंटिंग के जरिए विशेष सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
पाटलिपुत्र में भी विकसित होगा नया पार्क
पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड-5 स्थित बैंक ऑफ इंडिया कॉलोनी में नया पार्क बनाया जाएगा। करीब 32 मीटर लंबे और 17 मीटर चौड़े इस पार्क के निर्माण पर 1.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां भी लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ मनोरंजन और व्यायाम की व्यवस्था की जाएगी। पार्क में हर आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
तीनों पार्कों में योग, व्यायाम, सैर और बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन पार्कों के निर्माण से उन इलाकों में ग्रीन एरिया की कमी दूर होगी, जहां लंबे समय से सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों का अभाव था। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम टहलने वाले लोगों को इन आधुनिक पार्कों का सबसे अधिक लाभ मिलेगा।




