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श्रीजगदगुरू शंकराचार्य ने पटना में धर्मसभा को किया संबोधित, राजनीति की स्वच्छ परिभाषा भी बताई

PATNA : श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी के पीठाधीश्वर श्रीजगदगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज ने बुधवार को पटना में राजधानी में धर्मसभा को संबोधित किया. पटना में पत्र

 श्रीजगदगुरू शंकराचार्य ने पटना में धर्मसभा को किया संबोधित, राजनीति की स्वच्छ परिभाषा भी बताई
Anamika
2 मिनट

PATNA : श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी के पीठाधीश्वर श्रीजगदगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज  ने बुधवार को पटना में  राजधानी में धर्मसभा को संबोधित किया. 

पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रद्धेय स्वामी श्री शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी ने कहा कि सुचिता सुंदरता स्वच्छता, सुशिक्षित, सुसंस्कृत ,सुरक्षित संपन्न ,सेवा परायण ,स्वस्थ और स्नेह से संपन्न मनुष्य हर किसी को बनना चाहिए और ऐसे ही समाज की संरचना होनी चाहिए. इसके साथ ही साथ राजनीति की स्वच्छ परिभाषा उदघोषित हो.

शासन तंत्र का दायित्व होता है की धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में कोई कदम उठाए तो हम लोगों से संपर्क  साधे लेकिन शासन तंत्र ने हमसे कोई संपर्क नहीं साधा है. मैंने आपको संकेत किया कि नरसिंह राव के शासन में रामालय ट्रस्ट बना था। पुरी के शंकराचार्य यानी मैंने हस्ताक्षर नहीं किया था लेकिन बाकी सभी माननीय आचार्यों ने हस्ताक्षर किया था फिर भी नरसिंहराओ मंदिर मस्जिद बनाने का साहस नहीं जुटा सके.

अब पार्लियामेंट के माध्यम से और माननीय सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से 5 एकड़ जमीन भी किसी उपहार के रूप में किसी तंत्र को दे दी गई है.सरकार ने 25 किलोमीटर दूर ही सही जमीन देने का निश्चय भी कर लिया है. संकेत पर्याप्त है कि उत्तर प्रदेश की बात है की कहीं इसी प्रकार का निर्णय और उपहार काशी और मथुरा को लेकर क्रियान्वित हुआ तो केवल उत्तर प्रदेश में ही तीन नए पाकिस्तान बनकर तैयार होगा.

भारत में महंगाई दूर करने हेतु सरकार सत्ता लोलुपता और दूरदर्शिता के चपेट से मुक्त हो और उसे अपने दायित्व का परिज्ञान हो.जनता और जनप्रतिनिधि में सद्भाव पूर्वक सामंजस्य के अनुसार समय-समय पर संवाद हो तभी इस समस्या का समाधान हो सकता.