ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

पटना में इलाज के अभाव में कोरोना संदिग्ध की मौत, तीन दिन तक हॉस्पिटल का चक्कर लगाने के बाद नहीं लिया गया था सैंपल

PATNA: कोरोना संदिग्ध मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. वह कोरोना सैंपल देने के लिए तीन दिनों तक पटना के सरकारी हॉस्पिटल में चक्कर काटता रहा, लेकिन सैंपल नहीं लिया गया. जिससे उसक

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: कोरोना संदिग्ध मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. वह कोरोना सैंपल देने के लिए तीन दिनों तक पटना के सरकारी हॉस्पिटल में चक्कर काटता रहा, लेकिन सैंपल नहीं लिया गया. जिससे उसकी मौत हो गई है. 

हंगामा होने पर प्रशासन ने आनन-फानन में कराया अंतिम संस्कार

मौत के बाद परिजनों ने गुस्से में हो गए. रूकनपुरा में बेली रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद आनन-फानन में प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार करा दिया. लेकिन मौत के बाद भी सैंपल नहीं लिया गया. जिससे परिवार से लेकर पड़ोस के लोग दहशत में हैं. 

दौड़ाया जाता था बीमार को

मृतक विनोद कुमार रूकनपुरा मुसहरी के पास का रहने वाला था. उसको कई दिनों से सर्दी खांसी के साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत हो रहा था. वह अपना सैंपल देने के लिए तीनों से पाटलिपुत्रा अशोका और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल का चक्कर लगाता रहा. लेकिन हॉस्पिटल के स्टाफ ने सैंपल नहीं लिया. कभी डॉक्टर का पर्ची मांगते तो कभी दूसरे सेंटर भेजने की सलाह देते. इस बीच उसकी शुक्रवार को मौत हो गई. 

मौत के बाद के बाद भी नहीं लिया सैंपल

मौत होने के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी. लेकिन जिंदा रहते तो इलाज नहीं किया. मरने के बाद भी स्वास्थ्यकर्मी नहीं आए. हद तो तब कर दी जब मौत के बाद भी सैंपल नहीं लिया. जब सड़क जाम हुआ तो प्रशासन की नींद खुली. एसडीएम से बात होने के बाद उन्होंने पांच पीपीई किट और शव वाहन उपलब्ध कराए तब जाकर विनोद का दाह संस्कार हो सका.

टैग्स