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पटना में अवैध पार्किंग पर तकनीक से लगेगी लगाम, गलत जगह गाड़ी खड़ी करते ही मिलेगा ऑटो अलर्ट

पटना में अवैध पार्किंग और बेतरतीब वाहन खड़े करने से लगने वाले ट्रैफिक जाम पर अब तकनीक से लगाम लगाने की तैयारी है। गलत जगह पार्क वाहनों पर ऑटो अलर्ट मिलेगा, जबकि ट्रैफिक पुलिसकर्मी की मौजूदगी और कार्रवाई की भी रियल टाइम निगरानी की जाएगी।

Patna Traffic News
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Patna Traffic News: राजधानी पटना में अवैध पार्किंग और बेतरतीब वाहन खड़े करने से लगने वाले ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। गलत जगह पार्क किए गए वाहनों की पहचान होने पर संबंधित इलाके के नियंत्रण कक्ष को तत्काल स्वचालित अलर्ट भेजा जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी की भी तकनीक के जरिए निगरानी की जाएगी।



योजना के तहत यदि कोई वाहन सड़क पर ऐसे स्थान पर खड़ा पाया जाता है, जहां पार्किंग प्रतिबंधित है, तो सिस्टम इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के कंट्रोल रूम को तुरंत भेजेगा। इसके बाद कंट्रोल रूम वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी से संपर्क कर कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेगा।



बस स्टॉपेज और ऑटो-ई रिक्शा बने बड़ी चुनौती

पटना में पार्किंग और निर्धारित स्टॉपेज की व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी नहीं हो सकी है। सिटी सर्विस बसों के लिए आधुनिक बस स्टॉपेज बनाने पर दो बार बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन इन स्टॉपेज पर बसों के रुकने की व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। यात्रियों को देखते ही कई बसें निर्धारित स्थान के बजाय सड़क पर ही रुक जाती हैं, जिससे ट्रैफिक पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।



इसी तरह ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने भी शहर के कई हिस्सों में अपनी सुविधा के अनुसार अनधिकृत स्टॉपेज बना लिए हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती के बावजूद जाम की समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है।



सड़क जाम की रियल टाइम ट्रैकिंग की तैयारी

पथ निर्माण विभाग ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के साथ राजधानी में ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने की योजना पर काम शुरू किया है। अध्ययन के दौरान ऑटो और ई-रिक्शा के अनियमित ठहराव को भी जाम की एक प्रमुख वजह के रूप में चिन्हित किया गया है।



अब हर इलाके में ट्रैफिक जाम की निगरानी के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस इलाके में जाम की स्थिति कितनी गंभीर है और वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी वाली जगह पर मौजूद हैं या नहीं।



अधिकारियों को तुरंत मिलेगी कार्रवाई की रिपोर्ट

ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में पहले से ही मजिस्ट्रेट और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। नई तकनीकी व्यवस्था के तहत जाम की स्थिति और मौके पर तैनात पुलिसकर्मी की कार्रवाई की रिपोर्ट तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।



इसके अलावा, कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी या पुलिसकर्मी ने क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी भी सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध होगी। इससे न केवल अवैध पार्किंग और अनधिकृत स्टॉपेज पर निगरानी बढ़ेगी, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था में तैनात कर्मियों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और त्वरित कार्रवाई से पटना में अवैध पार्किंग और बेतरतीब यातायात के कारण होने वाले जाम को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता