ब्रेकिंग
बिहार के इस जिले में तेंदुए का आतंक, गांव में घुसकर दो बकरियों को बनाया शिकार; दहशत में ग्रामीणछात्रों और महिलाओं की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- ‘मोदी है तो दिक्कत है’बिहार के विश्वविद्यालयों में बड़े सुधार की तैयारी: उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिलेगा इतने लाख का इनाम, राज्यपाल का एलानबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनबिहार के इस जिले में तेंदुए का आतंक, गांव में घुसकर दो बकरियों को बनाया शिकार; दहशत में ग्रामीणछात्रों और महिलाओं की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- ‘मोदी है तो दिक्कत है’बिहार के विश्वविद्यालयों में बड़े सुधार की तैयारी: उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिलेगा इतने लाख का इनाम, राज्यपाल का एलानबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शन

पटना हाईकोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नागेन्द्र राय का निधन, शोक की लहर

PATNA : पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश न्यायमूर्ति नागेन्द्र राय का निधन हो गया है। दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होनें आखिरी सांस ली। नागेन्द्र राय के निधन से वकील

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश न्यायमूर्ति नागेन्द्र राय का निधन हो गया है। दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होनें आखिरी सांस ली। नागेन्द्र राय के निधन से वकीलों के बीच शोक की लहर फैल गयी है।


न्यायमूर्ति नागेन्द्र राय के निधन पर संवेदनाओं का तांता लगा हुआ है।न्यायिक और राजनीतिक जगत से जुड़े लोगों ने ईश्वर से उनके आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।पटना हाईकोर्ट से वे लंबे समय तक जुड़े रहें। इससे पहले उन्होनें सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील के तौर पर काम किया था।


नागेन्द्र राय किसी भी  विषय पर बेबाकी से राय रखने के लिए जाने जाते थे। पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति नागेंद्र राय का मानना था कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को जानबूझ कर इतना पेचीदा कर दिया जाता है, जिसके कारण समय पर नियुक्ति नहीं हो पाती है। अगर जजों के रिटायर होने के तीन महीने पहले प्रक्रिया शुरू कर दी जाए तो निश्चित रूप से समय पर जजों की नियुक्ति हो सकती है।


टैग्स