ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर में नाबालिग से छेड़खानी के मामले पर गरमाई सियासत, घटना के 4 दिन बाद RJD ने CCTV जारी कर SAMRAT सरकार को घेरा✦16 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध मौत, फोन पर बात करने के दौरान उठाया कदम✦बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦मुजफ्फरपुर में नाबालिग से छेड़खानी के मामले पर गरमाई सियासत, घटना के 4 दिन बाद RJD ने CCTV जारी कर SAMRAT सरकार को घेरा✦16 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध मौत, फोन पर बात करने के दौरान उठाया कदम✦बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट के नए जज बने अजीत कुमार, मिली केंद्र सरकार की स्वीकृति

Patna High Court: भारत सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार को पटना उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर यह नियुक्ति बिहार की न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करेगी।

Patna High Court
पटना हाई कोर्ट
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
2 मिनट

Patna High Court: भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग (नियुक्ति प्रभाग) ने 1 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अजीत कुमार को पटना उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है।


यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के आधार पर की गई है, जिसने 1 जुलाई 2025 को आयोजित बैठक में श्री अजीत कुमार तथा अधिवक्ता श्री प्रवीण कुमार को पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी।


हालांकि कॉलेजियम ने दो नामों की सिफारिश की थी, लेकिन अभी तक केवल अजीत कुमार की नियुक्ति को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है। शेष नाम – श्री प्रवीण कुमार, श्री अंशुल और श्री रितेश कुमार – की नियुक्ति पर केंद्र का निर्णय फिलहाल लंबित है।


सूत्रों के अनुसार, यदि इन नियुक्तियों पर शीघ्र निर्णय लिया जाता है, तो पटना उच्च न्यायालय के न्यायिक कार्यभार में संतुलन आने की संभावना है। वर्तमान में न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या स्वीकृत पदों से कम है, जिससे मामलों की सुनवाई में विलंब हो रहा है।


श्री अजीत कुमार पटना उच्च न्यायालय में वर्षों से सक्रिय अधिवक्ता रहे हैं। उन्हें संवैधानिक, आपराधिक और सिविल मामलों में गहन अनुभव प्राप्त है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में पक्षकारों का प्रतिनिधित्व किया है और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उनकी गहरी समझ के लिए वे जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति से न्यायपालिका में व्यावसायिकता और दक्षता की उम्मीद की जा रही है।


पटना उच्च न्यायालय में कुल 53 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं। खाली पदों को भरने की दिशा में कॉलेजियम की यह पहल न्यायिक प्रणाली की दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।