PATNA: मोबाइल ऐप या ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को अपनी सेवाएं देने वाले ओला/उबर/रेपिडो कैब ड्राइवर, जोमैटो/स्विगी डिलीवरी बॉय के लिए राजधानी पटना में GIG WORKER'S AC LOUNGE लाखों की लागत से बनाया गया है। जहां भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से इन्हें राहत मिल सके। 24×7 AC लाउंज पटना में दो जगहों पर फिलहाल बनाया गया है।
एक गांधी मैदान के गेट नंबर-4 और दूसरा इनकम टैक्स गोलंबर के पास बनाया गया है। लेकिन इसका इस्तेमाल पुलिस वाले कर रहे हैं। इनकम टैक्स गोलंबर पर 15 लाख रुपये की लागत से बनाए गये एसी लाउंज में डिलीवरी बॉय की जगह सोफा पर एक नहीं बल्कि करीब 8 पुलिस कर्मी बैठे नजर आए। सोशल मीडिया पर पुलिस कर्मियों का फोटो तेजी से वायरल हो रहा है।
जिसमें पुलिस कर्मी अपने सहकर्मी के साथ बातचीत करने में व्यस्त दिख रहे हैं तो कई महिला पुलिस कर्मी मोबाइल में रील देखती नजर आ रही है। ऐसी बात सामने आ रही है बिहार पुलिस के कर्मी बिना पैसा दिये एसी में बैठते हैं। सवाल यह उठता है कि यह व्यवस्था गिग वर्कर और डिलीवरी बॉय के लिए सरकार ने की है, लेकिन इसका इस्तेमाल पुलिस वाले कर रहे हैं। मोटरसाइकिल से चलने वाले डिलीवरी बॉय के लिए Ac lounge बनकर तैयार तो हो गया लेकिन इनकी जगह पुलिस कर्मी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस उद्धेश्य से इसे बनाया गया था, वह पूरा नहीं होता दिख रहा है।
बता दें कि बिहार सरकार और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पहल पर पटना में GIG WORKER'S AC LOUNGE की शुरुआत हुई। 15 लाख की लागत से बना यह एसी लाउंज में खास तौर पर स्विगी, जोमैटो, रैपीडो और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बनाए गए हैं। यहां एयर कंडीशनिंग, शुद्ध पेयजल, मोबाइल चार्जिंग, बैठने और विश्राम करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन बिडंबना यह है कि पटना में बने GIG WORKER'S AC LOUNGE में पैदल चलने वाले यात्री विश्राम नहीं कर सकते, पैदल कोचिंग जाने वाले छात्र भी यहां नहीं बैठ सकते। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में रिक्शा और ठेला खींचने वाले भी यहां आराम नहीं फरमा सकते हैं। लेकिन शायद पुलिस वालों के लिए कोई नियम कानून नहीं बनाया गया है। यही कारण है कि 8 की संख्या में ट्रैफिक पुलिस वाले यहां आराम फरमाते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पटना से संवाददाता लिंगम की रिपोर्ट








