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पटना में शवों के अंतिम संस्कार पर संकट, बांस घाट की तीनों मशीनें खराब

पटना के बांस घाट स्थित पुराने विद्युत शवदाहगृह की तीनों मशीनें खराब होने से अंतिम संस्कार का काम ठप हो गया है। अब गरीब परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

बिहार न्यूज
गरीब परिवारों की बढ़ी परेशानी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: पटना के बांस घाट स्थित नगर निगम का पुराना विद्युत शवदाहगृह पूरी तरह बंद हो गया है। यहां लगी तीनों विद्युत शवदाह मशीनें खराब हो चुकी हैं। पहले से ही दो मशीनें पिछले एक महीने से खराब थीं, जबकि तीसरी मशीन के सहारे शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। बुधवार को तीसरी मशीन भी खराब हो गई, जिसके बाद शवदाहगृह में अंतिम संस्कार का काम पूरी तरह ठप हो गया।


मशीन खराब होने के कारण बुधवार 14 अक्टूबर को सुबह से शाम तक 10 शवों को बिना अंतिम संस्कार के ही लौटाना पड़ा। वही गुरुवार को भी लोग यहां से लौटकर गुलबी घाट शव को ले गये। एक साथ तीनों मशीनें खराब होने से मृतकों के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


बांस घाट स्थित पुराना विद्युत शवदाहगृह गरीब परिवारों और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए काफी सस्ता विकल्प था। यहां लावारिस शवों का अंतिम संस्कार महज 300 रुपये में किया जाता था। लेकिन शवदाहगृह बंद होने के कारण अब लोगों को दीघा और गुलबी घाट का रुख करना पड़ रहा है।


वहीं, पटना स्मार्ट सिटी की ओर से बनाए गए आधुनिक विद्युत शवदाहगृह में अंतिम संस्कार के लिए न्यूनतम 3,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


बांस घाट के पुराने विद्युत शवदाहगृह की सभी मशीनें खराब होने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। अब मशीनों की मरम्मत और शवदाहगृह को दोबारा चालू किए जाने का इंतजार है।

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