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पटना एम्स में 50 लाख का गबन उजागर, चीफ कैशियर सस्पेंड, क्या है पूरा मामला जानिये?

पटना एम्स में ऑडिट के दौरान 50 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में चीफ कैशियर अनुराग अमन को निलंबित कर जांच शुरू की गई है।

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एम्स में 50 लाख का घोटाला
© social media
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: पटना एम्स में 50 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। अस्पताल के चीफ कैशियर अनुराग अमन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कार्रवाई की गई है। एम्स प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।


इस गबन का खुलासा तब हुआ जब अकाउंट ऑफिसर पीयूष आनंद ने ऑडिट कराया। ऑडिट में कैश बुक, भुगतान रजिस्टर, रसीदों और बैंक खातों के मिलान में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई नकद लेन-देन बिना आवश्यक दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के किए गए थे। विस्तृत जांच के दौरान करीब 50 लाख रुपये की राशि का स्पष्ट हिसाब नहीं मिल सका, जिससे गबन की आशंका जताई गई।


मामले के सामने आते ही एम्स पटना प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेस रिलीज जारी की। जिसमें बताया गया कि आरोप अत्यंत गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता के ठोस साक्ष्य मिले हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संस्थान में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


एम्स प्रशासन ने चीफ कैशियर अनुराग अमन को निलंबित कर दिया है और जांच अवधि के दौरान उन्हें किसी भी तरह की वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त रखा गया है। हालांकि प्रशासन ने यह भी बताया कि गबन की गई राशि वापस कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। आवश्यकता पड़ने पर मामला पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों को भी सौंपा जाएगा।


एम्स प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस घटना का मरीजों की चिकित्सा सेवाओं और संस्थान के दैनिक कार्यों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं को और सख्त किया जाएगा तथा आंतरिक ऑडिट प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चीफ कैशियर अनुराग अमन ने जांच के दौरान गबन की बात स्वीकार की है और बताया है कि उक्त राशि शेयर बाजार में लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि गबन की पूरी रकम वापस कर दी गई है, हालांकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।