ब्रेकिंग
बख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजाबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजा

नदी में विलीन हुए 220 घर, प्रशासन के रवैये से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन

BAGHA : मधुबनी प्रखंड के सिसई पंचायत का वीरता गांव नदी की धारा में विलीन हो गया. 230 घरों में से 220 घर सहित भूमि नदी में विलीन हो चुकी है. लेकिन सड़क पर तंबू तान कर रह रहे कटाव पी

नदी में विलीन हुए 220 घर, प्रशासन के रवैये से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
First Bihar
2 मिनट

BAGHA : मधुबनी प्रखंड के सिसई पंचायत का वीरता गांव नदी की धारा में विलीन हो गया. 230 घरों में से 220 घर सहित भूमि नदी में विलीन हो चुकी है. लेकिन सड़क पर तंबू तान कर रह रहे कटाव पीड़ितों का हाल जानने के लिए अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि अबतक नहीं पहुंचे हैं.  


मधुबनी सीओ रंजीत कुमार ने वीरता गांव पहुंचकर कटाव का जायजा लिया था. सीओ ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा था कि जल्द ही ऊंचे स्थानों पर भूमि का चयन कर वीरता गांव को दूसरे जगह विस्थापित किया जाएगा. लेकिन पूरा गांव नदी में विलीन हो गया. अब तक गांव को भी विस्थापित करने के लिए भूमि का चयन नहीं किया गया.


प्रशासन के रवैये से नाराज वीरता गांव के लोगों ने पूर्व मुखिया उमा यादव के नेतृत्व में प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की. वीरता गांव के कटाव पीड़ित भूखे-प्यासे सड़क के किनारे तंबू तान कर कराने को मजबूर हैं. कटाव पीड़ितों ने नदी में विलीन हुए फसल सहित भूमि का मुआवजा एवं गांव को दूसरे जगह विस्थापित करने की मांग की है. साथ ही सहायता राशि की भी मांग की है. 

रिपोर्टिंग
D

रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता