ब्रेकिंग
बिहार में हड़ताली अमीनों पर सरकार का बड़ा एक्शन... 24 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं माने तो दूसरे अमीन संभालेंगे कमान✦बिहार विधान परिषद की बहाली में बड़ा ट्विस्ट! 7 पोस्ट पर रिजल्ट आने के बाद अब फिर हो रही सात सफल अभ्यर्थियों की परीक्षा, जानिए क्या है वजह ✦नीतीश कुमार के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे सम्राट चौधरी! बिहार में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इन 2 शहरों की चमकेगी किस्मत; छठ पर भी बड़ा ऐलान✦बिहार में डबल मर्डर से सनसनी: कमरे में सो रही मां की गला रेतकर हत्या, बेटे को चाकू से गोदकर मार डाला✦Bihar News : 'ना जीने की खुशी ना मरने का गम ....', अनंत सिंह के अंदाज में दिखे रौशन आनंद, बोले - खान सर मुझे भी मरवा सकते हैं...✦बिहार में हड़ताली अमीनों पर सरकार का बड़ा एक्शन... 24 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं माने तो दूसरे अमीन संभालेंगे कमान✦बिहार विधान परिषद की बहाली में बड़ा ट्विस्ट! 7 पोस्ट पर रिजल्ट आने के बाद अब फिर हो रही सात सफल अभ्यर्थियों की परीक्षा, जानिए क्या है वजह ✦नीतीश कुमार के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे सम्राट चौधरी! बिहार में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इन 2 शहरों की चमकेगी किस्मत; छठ पर भी बड़ा ऐलान✦बिहार में डबल मर्डर से सनसनी: कमरे में सो रही मां की गला रेतकर हत्या, बेटे को चाकू से गोदकर मार डाला✦Bihar News : 'ना जीने की खुशी ना मरने का गम ....', अनंत सिंह के अंदाज में दिखे रौशन आनंद, बोले - खान सर मुझे भी मरवा सकते हैं...

नीतीश सरकार के दावों की खुल गई पोल, आज भी खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं सैकड़ों बच्चे

SAHARSA : न भवन है न बेंच है. बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं. यही है हमारे शिक्षण संस्थानों की तस्वीर, जो सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल रही है. सहरसा जिले

नीतीश सरकार के दावों की खुल गई पोल, आज भी खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं सैकड़ों बच्चे
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

SAHARSA :  न भवन है न बेंच है. बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं. यही है हमारे शिक्षण संस्थानों की तस्वीर, जो सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोल रही है. सहरसा जिले में एक ऐसी स्कूल है, जहां बच्चों को खुले आसमान के निचे बांसबाड़ी में पढ़ाया जाता है. बच्चे को स्कूल में पढ़ने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बारिश के मौसम में बच्चें भींगकर पढ़ने को मजबूर हैं. हैरानी की बात है कि स्कूल के पास भवन निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन है. मामला सामने आने के बाद सरकार द्वारा विधालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठ रहे हैं. 


जानकारी के मुताबिक, सौरबाजार प्रखंड अन्तर्गत कांप पंचायत में संचालित एनपीएस विजयनगर पश्चिम स्कूल में डेढ़ सौ से अधिक बच्चे बढ़ते हैं. लेकिन इसका भवन निर्माण आज तक नहीं हो सका है. स्कूल के भवन का निर्माण नहीं होने की वजह से बच्चे बांसबाड़ी में पढ़ने को मजबूर हैं. स्कूल में बच्चों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था नहीं की गई है. 


प्रधानाध्यापक मनोज कुमार राय ने बताया कि स्कूल के पास को पर्याप्त जमीन है. बावजूद इसके आज तक भवन का निर्माण नहीं हो पाया है. स्कूल के द्वारा कई बार सरकार को भवन निर्माण के लिए पत्र लिखे गये, लेकिन भवन बनाने की स्वीकृति नहीं मिल पाई है. ऐसे में बच्चें को तपती धूप एवं बरसात में काफी कठनाइयों का सामना करना पड़ता है. 


प्रधानाध्यापक ने बताया कि एक बार पास के मध्य विद्यालय में स्कूल को समायोजित किया गया था. लेकिन, ग्रामीणों ने इस फैसले का जमकर विरोध किया. हंगामा के बाद पुनः स्कूल को बांसबाड़ी में स्थापित कर दिया गया. यदि ऐसे ही खुले बच्चे को पढ़ाया जाएगा तो अप्रिय घटना होने की भी सम्भावना है. वहीं, इस मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी हब्बीबुल्ला ने बताया कि मामले की जांच करवाई जायेगी. 

टैग्स
रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता