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Bihar Politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर JDU के पूर्व विधायक का बड़ा बयान, बोले– “अब समझ में आ गया होगा कि मैंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी”

नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच जेडीयू के पूर्व सहयोगी डॉ. संजीव कुमार ने फेसबुक पोस्ट कर बड़ा बयान दिया और जेडीयू छोड़ने की वजह बताई।

Bihar Politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर JDU के पूर्व विधायक का बड़ा बयान, बोले– “अब समझ में आ गया होगा कि मैंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी”
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar Politics : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वह जल्द ही बिहार की सक्रिय सत्ता की राजनीति से दूर होकर दिल्ली की भूमिका में नजर आएंगे। ऐसे में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने की चर्चा भी तेज हो गई है। इसी बीच जदयू के पूर्व सहयोगी और इस बार राजद के सिंबल पर चुनाव लड़ चुके नेता डॉ. संजीव कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा बयान दिया है।


डॉ. संजीव कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए जदयू और मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि अब लोगों को समझ में आ गया होगा कि उन्होंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया और पार्टी के अंदर बन रहे माहौल में खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहे थे।


अपने फेसबुक पोस्ट में डॉ. संजीव कुमार ने लिखा, “अब तो सब समझ ही गए होंगे कि मैंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी। मैंने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। जिस वातावरण में नए-नए ‘सूरमा भोपाली’ पैदा हो रहे थे, वहां घुटन महसूस होना स्वाभाविक था। जब वही लोग आदरणीय नीतीश जी के नहीं हो सके, तो मेरा क्या होते?”


उनके इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीति और जदयू के अंदरूनी हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि राजनीति में पद स्थायी नहीं होता, लेकिन सिद्धांत और आत्मसम्मान हमेशा साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने उस फैसले पर आज भी संतोष है, जो उन्होंने जदयू छोड़ते समय लिया था।


डॉ. संजीव कुमार ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सम्मान जताते हुए लिखा कि एक बड़े और अनुभवी नेता की इस तरह की विदाई बिहार की जनता को जरूर खल रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार की राजनीति का नेतृत्व किया और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में उनका दिल्ली जाना बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।


उन्होंने आगे लिखा कि इतिहास हमेशा हर व्यक्ति और हर निर्णय का मूल्यांकन करता है। समय आने पर यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसने सही रास्ता चुना और किसने गलत। डॉ. संजीव कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।


दरअसल, नीतीश कुमार पिछले करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। उनके नेतृत्व में जदयू ने कई बार सरकार बनाई और बिहार की सत्ता में अहम भूमिका निभाई। अब उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी और जदयू की भविष्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं विपक्षी दलों के नेता भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।


डॉ. संजीव कुमार का यह बयान भी इसी बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच सामने आया है, जिसने बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की राजनीति किस करवट बैठती है और नया नेतृत्व किसे मिलता है।