ब्रेकिंग
जमुई-समस्तीपुर की घटनाओं पर मुकेश सहनी का हमला, बोले- कानून-व्यवस्था पर सरकार अपने गिरेबान में झांकेजमुई के बाद समस्तीपुर में छात्रा से बदसलूकी की घटना पर सियासी पारा हाई, क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार?जमुई जैसी एक और खौफनाक वारदात: मुजफ्फरपुर में छात्रा को घसीटकर ले जाने की कोशिश, बचाने आई दो बहनों पर रॉड से हमलाBihar Weather : बिहार में 72 घंटे आफत! बंगाल की खाड़ी से आया खतरनाक चक्रवाती सिस्टम, इन जिलों में भारी बारिश और 75 KM की आंधी का अलर्टसड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी समेत चार की मौत, खड़े ट्रक में कार ने मारी जोरदार टक्करजमुई-समस्तीपुर की घटनाओं पर मुकेश सहनी का हमला, बोले- कानून-व्यवस्था पर सरकार अपने गिरेबान में झांकेजमुई के बाद समस्तीपुर में छात्रा से बदसलूकी की घटना पर सियासी पारा हाई, क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार?जमुई जैसी एक और खौफनाक वारदात: मुजफ्फरपुर में छात्रा को घसीटकर ले जाने की कोशिश, बचाने आई दो बहनों पर रॉड से हमलाBihar Weather : बिहार में 72 घंटे आफत! बंगाल की खाड़ी से आया खतरनाक चक्रवाती सिस्टम, इन जिलों में भारी बारिश और 75 KM की आंधी का अलर्टसड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी समेत चार की मौत, खड़े ट्रक में कार ने मारी जोरदार टक्कर

लोक शिकायत पदाधिकारी अब कोई दूसरा काम नहीं करेंगे, सीएम नीतीश की नाराजगी के बाद मुख्य सचिव का निर्देश

PATNA : पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार कार्यक्रम में लोक शिकायत निवारण कानून से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद नाराजगी जताई थी। शिकायतें मिलने के बाद ही मुख्य

लोक शिकायत पदाधिकारी अब कोई दूसरा काम नहीं करेंगे, सीएम नीतीश की नाराजगी के बाद मुख्य सचिव का निर्देश
Editor
2 मिनट

PATNA : पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार कार्यक्रम में लोक शिकायत निवारण कानून से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद नाराजगी जताई थी। शिकायतें मिलने के बाद ही मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने सभी जिलाधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी किया है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को लेटर लिखकर कहा है कि यह सुनिश्चित कराएं कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को कोई अन्य काम का प्रभार नहीं दिया जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि किसी भी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को कोई अन्य काम नहीं सौंपे। 


अगर किसी पदाधिकारी को दूसरा काम दिया गया है तो तत्काल उन्हें इससे मुक्त किया जाए। मुख्य सचिव ने इसको लेकर नाराजगी जताते हुए पहले भी निर्देश दिये गये थे, लेकिन अब भी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दिये जाने की सूचना मिली है। यह पहले दिये गये निर्देश का उल्लंघन है।


आपको बता दें दरअसल जनता दरबार कार्यक्रम में हुआ क्या था।  18 अप्रैल को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में लोक शिकायत निवारण कानून के तहत लिये गये फैसलों पर अमल नहीं करने और सुनवाई को लेकर शिकायकर्ता को परेशान करने से मामला नीतीश के सामने पहुंचा था। इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि लोक शिकायत निवारण कानून के अनुपालन को लेकर जो भी शिकायतें मिल रही हैं उसकी तत्काल जांच करें।