NAWADA: बिहार के नवादा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 1100 रुपये निकालने गई एक महिला के बैंक अकाउंट में अचानक करीब 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाई दिया। खाते में इतनी बड़ी राशि देखकर महिला घबरा गई। डर और तनाव के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। महिला ने बताया कि पूरी रात उसे नींद नहीं आई और उसने खाना भी नहीं खाया। अगर हार्ट पेशेंट रहती तो रात ही में मर जाती।
मिली जानकारी के अनुसार, नवादा शहर के नीम टोला मोहल्ले की रहने वाली रेखा देवी शुक्रवार शाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन की ₹1100 राशि निकालने के लिए पास के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचीं थी। रेखा देवी का अकाउंट सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में है। जब सीएसपी संचालक ने उनके खाते से ₹1100 की निकासी की, तो ट्रांजैक्शन रसीद पर उपलब्ध शेष राशि देखकर वो हैरान रह गए। रेखा देवी से कहने लगे कि आप तो राजा बन गयी। रसीद दिखाते हुए सीएसपी संचालक ने रेखा देवी को बताया कि आपके खाते में 7,40,68,72,895.78 रुपये है। करीब 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दर्ज है।
जब इस बात की जानकारी रेखा देवी को हुई तो वो टेंशन में आ गयी। खाते में करोड़ों रुपये दिखाई देने से वह इस कदर घबरा गयीं कि पूरी रात सो नहीं सकीं। रेखा देवी कहने लगी कि वो बहुत गरीब है, उनके खाते में करोड़ों रुपये कहां से आ गये खुद उसे नहीं मालूम। मुझे लगा कि कहीं कोई बड़ी गड़बड़ी तो नहीं हो गयी। डर के कारण उन्होंने रात में खाना भी नहीं खाया। खुशी की जगह रेखा देवी काफी दुखी थी कि कही कोई पंगा ना हो जाए। उनकी तबीयत काफी बिगड़ गयी। वो कहने लगी कि अगर मेरा दिल थोड़ा भी कमजोर होता, तो शायद मुझे हार्ट अटैक आ जाता। फिर मेरे बाल बच्चों का क्या होगा।
रेखा देवी के खाते में इतनी भारी भरकम राशि कैसे आ गयी। यह सवाल उठ रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि महिला के खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे दिखाई दी। शुरुआती तौर पर इसे बैंक के सर्वर या तकनीकी प्रणाली में आई किसी गड़बड़ी का परिणाम माना जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रेखा देवी का कहना है कि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है और यदि कोई त्रुटि हुई है तो वह बैंक या सिस्टम की है। अब बैंक अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की जांच की जाएगी, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।गौरतलब है कि इससे पहले भी बिहार के विभिन्न जिलों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें तकनीकी गड़बड़ी के कारण आम लोगों के बैंक खातों में अचानक करोड़ों या अरबों रुपये का बैलेंस दिखाई दिया था।





