ब्रेकिंग
सम्राट चौधरी को गोली वाली बात पर घिरे प्रशांत किशोर, पटना साइबर थाने में शिकायत; FIR की मांग✦मोतिहारी-मुजफ्फरपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, खड़े ट्रक से टकराई बाइक; देवर-भाभी की मौत, दो घायल✦Bihar Politics : बाढ़ में अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, भीड़ संभालने खुद सड़क पर उतरे SDM और SDPO; चुनावी घमासान हुआ तेज✦पटना में सर्टिफिकेट के लिए अभ्यर्थियों का हंगामा, मिठापुर में सड़क जाम, यूनिवर्सिटी में उमड़ी भीड़✦Bihar School Scam : बिहार के स्कूलों में ‘बिल का खेल’? एक ही काम के 2 से 5 बार भुगतान का आरोप, जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप✦सम्राट चौधरी को गोली वाली बात पर घिरे प्रशांत किशोर, पटना साइबर थाने में शिकायत; FIR की मांग✦मोतिहारी-मुजफ्फरपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, खड़े ट्रक से टकराई बाइक; देवर-भाभी की मौत, दो घायल✦Bihar Politics : बाढ़ में अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, भीड़ संभालने खुद सड़क पर उतरे SDM और SDPO; चुनावी घमासान हुआ तेज✦पटना में सर्टिफिकेट के लिए अभ्यर्थियों का हंगामा, मिठापुर में सड़क जाम, यूनिवर्सिटी में उमड़ी भीड़✦Bihar School Scam : बिहार के स्कूलों में ‘बिल का खेल’? एक ही काम के 2 से 5 बार भुगतान का आरोप, जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Bihar News : नवादा सदर अस्पताल से कैदी फरार ! शौच का बहाना बनाकर पुलिस को दिया चकमा; CCTV में कैद हुई पूरी घटना

नवादा सदर अस्पताल से इलाज के दौरान विचाराधीन कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। शौच का बहाना बनाकर भागे बंदी की तलाश CCTV फुटेज के आधार पर जारी है। 7 महीने में दूसरी बार हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bihar News : नवादा सदर अस्पताल से कैदी फरार ! शौच का बहाना बनाकर पुलिस को दिया चकमा; CCTV में कैद हुई पूरी घटना
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार के नवादा जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। नवादा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से एक विचाराधीन बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। कैदी के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश के लिए जिले के विभिन्न इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि फरार बंदी की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।


पुलिस के अनुसार फरार बंदी की पहचान धमौल थाना क्षेत्र निवासी अलाउद्दीन के पुत्र असगर मलिक उर्फ दारा के रूप में हुई है। वह चोरी के एक मामले में न्यायिक हिरासत में नवादा मंडल कारा में बंद था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आई थी। बताया गया कि उसे चक्कर आने और बेहोश होने की समस्या हुई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए गुरुवार को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसकी आवश्यक जांच कराई। शुक्रवार को उसका सीटी स्कैन भी कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक जांच रिपोर्ट सामान्य आई और उसकी हालत में कोई गंभीर चिकित्सकीय समस्या नहीं पाई गई। इसी बीच इलाज के दौरान बंदी ने शौचालय जाने की बात कहकर पुलिसकर्मियों से अनुमति ली। इसी मौके का फायदा उठाते हुए वह पुलिस की निगरानी से निकल गया और अस्पताल परिसर से फरार हो गया।


घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पहले अस्पताल परिसर में उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने के बाद नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कराई। पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि बंदी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है।


इस घटना ने एक बार फिर नवादा सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि करीब सात महीने पहले भी इसी अस्पताल से इलाज के दौरान एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दोबारा उसी तरह की घटना सामने आने से सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में कैदियों की निगरानी के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता बरतते, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। वहीं पुलिस विभाग भी अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर सुरक्षा में चूक कैसे हुई और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका रही।


फिलहाल पुलिस फरार विचाराधीन बंदी की तलाश में लगातार अभियान चला रही है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अस्पताल से दोबारा कैदी के फरार होने की इस घटना ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।