Bihar News : राजधानी पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग फायरिंग विवाद में पहली बार खान सर ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने 2 जून की घटना, रौशन आनंद के आरोपों और उनके भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर अपनी बात रखी। खान सर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बिना किसी ठोस आधार के इस पूरे मामले में जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
पॉडकास्ट के दौरान खान सर से पूछा गया कि रौशन आनंद का आरोप है कि उनके बयान के बाद प्रिंस यादव नेपाल गया, जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी व्यक्ति के नेपाल जाने या उसके किसी फैसले के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने किसी को नेपाल जाने के लिए कहा और न ही किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने की सलाह दी। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत फैसलों या कथित आपराधिक गतिविधियों को उनके बयान से जोड़ना पूरी तरह गलत है।
प्रिंस यादव को लेकर किए कई दावे
पॉडकास्ट में खान सर ने दावा किया कि प्रिंस यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। उनके अनुसार अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उन्होंने कहा कि इन्हीं मामलों के कारण वह नेपाल गया था, न कि किसी बयान की वजह से। खान सर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनके साथ मौजूद फैजल खान ने अपने दावों के समर्थन में कुछ एफआईआर की प्रतियां भी प्रस्तुत कीं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।
बोले- बेवजह मुझे बनाया जा रहा आरोपी
जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि किसी मृत व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाना उचित है या नहीं, तो खान सर ने कहा कि वह केवल जांच से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों का उल्लेख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में उन्हें बिना किसी प्रत्यक्ष साक्ष्य के दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि अदालत और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं और अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 2 जून 2026 की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान पर हमला हुआ था। आरोप है कि 15 से 20 लोगों ने परिसर में घुसकर पथराव और तोड़फोड़ की। इस दौरान एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी हुई। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया।
इस घटना के बाद खान सर ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संचालक रौशन आनंद पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार किया। वहीं शुरुआती जांच में पुलिस ने फायरिंग से इनकार किया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद खान सर के सुरक्षा गार्डों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद 4 जून को खान सर समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इसी बीच रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद रौशन आनंद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाए।
अदालत में विचाराधीन है मामला
इस मामले में खान सर को पहले अंतरिम अग्रिम जमानत मिली थी। बाद में पटना सेशंस कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उन्हें नियमित अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। उनके दोनों सुरक्षा गार्डों को भी नियमित जमानत मिल चुकी है।फिलहाल यह पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के निर्णय और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।





